कोटा

राजस्थान से MP में 16,000 करोड़ की लागत से बनेगा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे, 75KM की दूरी हो जाएगी कम

Good News: मध्यप्रदेश और राजस्थान के लोगों के लिए सड़क कनेक्टिविटी को लेकर बड़ी खुशखबरी सामने आई है। कोटा से सागर-विदिशा तक ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे बनने से दूरी काफी कम हो जाएगी।

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Jan 19, 2026
फोटो: पत्रिका

Greenfield Expressway: कोटा से MP के सागर-विदिशा के बीच रोड कनेक्टिविटी आने वाले सालों में और बेहतर होने वाली है। कोटा से विदिशा तक नया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे मनाया जाएगा। इसके बनने से कोटा से विदिशा का सड़क मार्ग आसान हो जाएगा और दूरी घट जाएगी।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार को मध्यप्रदेश के विदिशा में आयोजित कार्यक्रम में 16 हजार करोड़ रुपए लागत से कोटा से सागर-विदिशा तक नया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे बनाने की घोषणा की। इससे सागर से कोटा के बीच की दूरी 75 किमी तक कम हो जाएगी। ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे कोटा जिले में भारतमाला परियोजना में दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस वे से जुड़ जाएगा।

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उज्जैन-झालावाड़ हाइवे 2500 करोड़ की लागत से बनेगा

गडकरी ने कहा कि सिंहस्थ के लिए उज्जैन-झालावाड़ 2500 करोड़ रुपए की लागत से हाईवे सहित अन्य रोड भी बनाए जाएंगे। उज्जैन आकर फिर से घोषणा करेंगे।

तीन साल पहले तैयार हुई थी डिजायन

तीन साल पहले राजस्थान, मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के चम्बल नदी के आसपास बसे जिलों को सड़क मार्ग से जोड़ने के लिए अटल प्रोग्रेस वे (चम्बल एक्सप्रेस वे) बनाने का निर्णय हुआ का। इसकी डिजायन में बदलाव किया जा रहा है। अब ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे के नाम से यह प्रोजेक्ट आगे बढ़ाया जा रहा है। मध्यप्रदेश में जमीन अवाप्ति की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह एक्सप्रेस वे लाखेरी के बाद दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस वे से जोड़ा जाना प्रस्तावित था। इसके लिए बड़ा टर्मिनल बनाया जाना प्रस्तावित है।

कोटा-विदिशा एक्सप्रेस वे योजना

1 दिल्ली से भोपाल/विदिशा(सेन्ट्रल एमपी) तक सीधी और तेज कनेक्टिविटी। कोटा-दिल्ली एक्सप्रेस वे (डीएमई का हिस्सा) पहले से बन रहा है। कोटा-विदिशा एक्सप्रेस वे जुड़ने से दिल्ली से भोपाल/विदिशा तक यात्रा का समय सिर्फ 10 घंटे रह जाएगा (अभी 14-16 घंटे या ज्यादा लगते हैं), जो क्षेत्र के लिए बहुत बड़ा बदलाव होगा।

  1. औद्योगिक और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में बड़ा उछाल : भोपाल-विदिशा में पहले से मौजूद इंडस्ट्रियल एरिया (मंडीदीप, बीएचईएल, फार्मा यूनिट्स) मजबूत होंगे। राजस्थान के इंडस्ट्रीज (केमिकल्स, स्टोन, धनिया) से तेज ट्रेड होगा, नई फैक्टरियां और निवेश आएंगे।
  2. लॉजिस्टिक्स और माल ढुलाई की लागत में कमी : विदिशा से कोटा, जयपुर, दिल्ली तक सामान (कृषि उत्पाद, सीमेंट, ऑटो पार्ट्स) तेज और सस्ते पहुंचेंगे। ट्रक ड्राइवरों का समय कम होने से ईंधन बचत और दक्षता बढ़ेगी।
  3. पर्यटन क्षेत्र में भारी बढ़ोतरी : हाड़ौती और मध्यप्रदेश में पर्यटन क्षेत्र में बूम आएगा। देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए नया कॉरिडोर तैयार हो जाएगा। धार्मिक पर्यटन का भी नया क्षेत्र बनेगा।
  4. शिक्षा और कोचिंग हब के साथ मजबूत तालमेल : कोटा के लाखों छात्रों के माता-पिता भोपाल/विदिशा से आसानी से मिलने आ सकेंगे। साथ ही भोपाल के एम्स,व अन्य बड़े शैक्षिणक जैसे संस्थानों के छात्रों को कोटा कोचिंग के लिए तेज यात्रा मिलेगी।

6 . कृषि उत्पादों की बेहतर मार्केटिंग : कोटा, विदिशा-भोपाल क्षेत्र के किसानों का चावल, गेहूं, चना, सोयाबीन आदि दिल्ली और राजस्थान के बाजारों में तेज पहुंचेगा और किसानों को बेहतर भाव मिलेगा।

कोटा-विदिशा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे का मध्यप्रदेश में काम चल रहा है। राजस्थान में अभी कोई अपडेट नहीं है।

  • संदीप अग्रवाल, परियोजना निदेशक एनएचईआइ कोटा खण्ड

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Updated on:
19 Jan 2026 03:24 pm
Published on:
19 Jan 2026 03:20 pm
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