
खबर का असर :
करीब 1500 खुराक मिलने से सामान्य हुई व्यवस्था
बारां. जिले में डेढ़ माह बाद रोटा वैक्सीन अस्पतालों में पहुंच चुकी है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से करीब 1500 खुराक का बंदोबस्त किया गया है। इसके बाद जिला अस्पताल सहित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर टीकाकरण व्यवस्था सामान्य हो गई है। इससे नवजातों को टीका लगवाने के लिए अस्पतालों के चक्कर लगा रहे परिजनों को राहत मिली है।
गौरतलब है कि रोटावायरस से होने वाले गंभीर दस्त, उल्टी और डिहाइड्रेशन से बचाव के लिए लगाई जाने वाली रोटा वैक्सीन जिले में करीब डेढ़ माह से उपलब्ध नही थी। जिला अस्पताल के टीकाकरण केन्द्र सहित कई सरकारी अस्पतालों में वैक्सीन नहीं होने से परिजनों को नवजातों को बिना टीका लगवाए लौटना पड़ रहा था। इस समस्या को लेकर राजस्थान पत्रिका के 17 जुलाई के अंक में ‘डेढ़ माह से रोटा वैक्सीन गायब, नवजातों की सेहत पर संकट’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की गई थी। इसी दिन ही वैक्सीन का बंदोबस्त कर दिया गया था। खबर में वैक्सीन की कमी से प्रभावित टीकाकरण व्यवस्था और समय पर खुराक नहीं मिलने से अभिभावकों की बढ़ती चिंता को प्रमुखता से उठाया गया था।
चिकित्सकों के अनुसार रोटा वैक्सीन राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम की महत्वपूर्ण कड़ी है। यह बच्चों को रोटावायरस संक्रमण से होने वाले गंभीर दस्त और डिहाइड्रेशन से बचाने में सहायक है। वैक्सीन उपलब्ध होने से पिछले कई सप्ताह से इंतजार कर रहे परिवारों को राहत मिली है।
-करीब 1500 रोटा वैक्सीन की खुराक पहुंच चुकी है। जिला अस्पताल समेत जिले के सीएचसी और पीएचसी पर वैक्सीन पहुंचा दी गई है। अब नियमित टीकाकरण सत्रों में नवजातों को निर्धारित खुराक दी जा रही है।
-डॉ. जेपी कुशवाह, सीएमएचओ