कोटा. वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय (वीएमओयू) छात्र विज्ञान की पढ़ाई में आत्मनिर्भर बनेंगे।
कोटा.
वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय (वीएमओयू) विज्ञान की पढ़ाई में आत्मनिर्भर होने के साथ ही शोध कार्य को बढ़ावा दे सकेगा। प्रयोगात्मक कार्यों के लिए राजकीय महाविद्यालयों पर निर्भरता खत्म करने के लिए विवि परिसर में साइंस ब्लॉक का निर्माण किया जाएगा। आरएसआरडीसी को कार्यादेश जारी कर दिया गया है। 18 महीने में इमारत बनकर तैयार हो जाएगी।
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फिजिक्स, केमिस्ट्री, बॉटनी, जूलॉजी, ज्योग्राफी और कंप्यूटर साइंस में दाखिला लेने वाले छात्रों के प्रयोगात्मक कार्य कराने के लिए अभी तक वीएमओयू राजकीय महाविद्यालय पर निर्भर है। कॉलेज में प्रयोगात्मक कार्य कराने के लिए विवि को प्रति प्रेक्टिकल 150 रुपए का भुगतान करना पड़ता है। जिस पर सालाना 25 लाख रुपए से ज्यादा खर्च होते हैं। इतने पर भी कॉलेज तभी लेब उपलब्ध करवाता है जब उनके छात्र प्रयोगात्मक कार्य पूरा कर चुके हों। इसके चलते अच्छा खासा पैसा खर्च करने के बाद भी छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ता था।
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बनेंगी 7 अत्याधुनिक लैब
वीएमओयू परिसर में साइंस ब्लॉक का निर्माण होगा। ब्लॉक का भूतल 1820 स्क्वायर मीटर इलाके में फैला होगा। इसमें अत्याधुनिक संसाधनों से लैस 7 प्रयोगशालाओं का निर्माण कराया जाएगा। वहीं प्रथम तल पर 1550 स्क्वायर मीटर क्षेत्रफल में सात मल्टीयूटिलिटी क्लास रूम का निर्माण होगा। पढ़ाई के अलावा इन कमरों का इस्तेमाल प्रशिक्षण कार्य के लिए किया जा सकेगा।
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18 महीने में पूरा होगा निर्माण
वीएमओयू के कुलपति प्रो. अशोक शर्मा ने बताया कि साइंस ब्लॉक बनाने पर 6.53 करोड़ रुपए का खर्च आएगा। दो मंजिला भवन को बनाने के लिए विवि ने आरएसआरडीसी को कार्यादेश जारी कर दिया है। जो 18 महीने में निर्माण कार्य पूरा कर देगा। इस दौरान लैब के लिए जरूरी संसाधनों की खरीद भी पूरी कर ली जाएगी। साइंस ब्लॉक का निर्माण होने के बाद कोटा रीजनल सेंटर के छात्र अपनी सहूलियत के मुताबिक प्रयोगात्मक कार्य कर सकेंगे। इन विषयों में शोध कार्यों को भी बढ़ावा दिया जा सकेगा।