कोटा

OMG : कोटा के 38 हजार बच्चे हो जाएंगे परीक्षा में फेल !

माध्यमिक व उच्च माध्यमिक परीक्षा सिर पर है।पढऩे के लिए किताबें तक नहीं मिली। ऐसे में बच्चों का भविष्य खतरे में पड़ गया है।
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Updated: 23 Dec 2017, 10:07 AM IST
and Higher Secondary Exam

कोटा . स्टेट ओपन स्कूल के माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर है। परीक्षा सिर पर है, लेकिन अभी तक पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध नहीं हैं। विद्यार्थी रोजाना नोडल केन्द्रों के चक्कर लगा रहे हैं। प्रवेश लेने के तीन माह गुजरने के बाद भी उन्हें पुस्तकें नहीं मिल पा रही। ऐसे में पढ़ाई ठप है, जबकि स्कूल के आवेदन पत्र जुलाई से सितम्बर तक भरे गए थे।

छात्रों को पाठ्यपुस्तकें फार्म भरते समय ही दी जानी थी। छात्रों की परीक्षा मार्च में प्रारंभ होगी। स्थानीय नोडल केन्द्रों पर छात्र सम्पर्क कर रहे हैं, लेकिन निराश लौट रहे हैं। छात्रों के सामने सबसे बड़ी समस्या यह है कि पढ़ाई कैसे करें। कोटा में कुल 11 संदर्भ केन्द्र हैं, जिसमें करीब 4000 व प्रदेश में करीब 38 हजार छात्र प्रभावित हो रहे हैं।



25 से चलेंगी सम्पर्क कक्षाएं
25 दिसम्बर से विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम संबंधित समस्याओं के निराकरण के लिए प्रत्येक संदर्भ केन्द्र में सम्पर्क कक्षाएं लगाई जाएंगी। पुस्तकें नहीं होने पर विद्यार्थी ठाले बैठे नजर आएंगे।


यह है उद्देश्य
ओपन स्कूल का लक्ष्य सबके लिए शिक्षा है। इसमें बालिकाओं, महिलाओं, ग्रामीण, युवाओं, काम करने वाले पुरुषों व महिलाओं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, विकलांग व अन्य वंचित लोगों को श्िक्षित करना इसका उद्देश्य है।
स्टेट ओपन स्कूल जयपुर के सहायक निदेशक दिलीप परमार ने बताया कि ओपन स्कूल के विद्यार्थियों के लिए जल्द ही पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध करवा दी जाएंगी। पाठ्यपुस्तकों के लिए वर्क ऑर्डर दे दिया है। कुछ विषयों की पुस्तकें छपना शेष है। सभी पुस्तक आने पर सेट बनाकर संदर्भ केन्द्रों पर पहुंचा दी जाएगी।



10 प्रतिशत जुड़ेंगे सत्रांक
इस वर्ष पंजीकृत छात्रों को शिविर में उपस्थित रहने पर 10 प्रतिशत सत्रांक का लाभ मिलेगा। इसमें छात्रों की उपस्थिति व इनके कार्य व्यवहार के आधार पर अंक दिए जाएंगे। शिविर में अध्यापकों द्वारा विषय का अध्यापन व प्रायोगिक कार्य करवाएं जाएंगे। राज्य सरकार ने सत्रांक व्यवस्था गत वर्ष से प्रारंभ की है, लेकिन इसका ध्येय पूरा होता नजर नहीं आ रहा। बिना पाठ्यपुस्तकों के छात्र क्या पढ़ेंगे और अध्यापक क्या पढ़ाएंगे।

Updated on:
23 Dec 2017, 10:07 AM IST
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