कोटा

Rajasthan: IAS शिखर अग्रवाल प्रकरण पर बोले डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा और मंत्री झाबर सिंह खर्रा, कह दी ये बड़ी बात

आइएएस शिखर अग्रवाल से जुड़े मामले को लेकर राजस्थान की सियासत गरमा रही है। कोटा में उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा और स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने इस मामले पर सरकार का पक्ष रखा।
2 min read
• •
Updated: 5 Nov 2026, 9:29 AM IST
Deputy Chief Minister Premchand Bairwa-Minister Jhabar Singh Kharra
कोटा में उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा और स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा। फोटो: पत्रिका

कोटा। आइएएस शिखर अग्रवाल से जुड़े मामले को लेकर राजस्थान की सियासत गरमा रही है। कोटा में उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा और स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने इस मामले पर सरकार का पक्ष रखा। मंत्री खर्रा से पत्रकारों ने शिखर अग्रवाल के खिलाफ कार्रवाई के बारे में सवाल पूछा तो बोले- जरूरत पड़ी तो राज्य सरकार सीबीआइ जांच के लिए भी प्रयास करेगी। वहीं उपमुख्यमंत्री बैरवा ने कहा कि फिलहाल मामले की जांच चल रही है और सभी जांच एजेंसियां स्वतंत्र रूप से काम कर रही हैं। इस मामले में ज्यादा टिप्पणी करने से बचते रहे।


कोटा में मीडिया से बातचीत में बैरवा ने खेलों के विकास का श्रेय केंद्र की मोदी सरकार की योजनाओं को दिया। उन्होंने कहा कि पहले खेलों का स्तर अपेक्षाकृत कमजोर था, लेकिन खेलो इंडिया सहित केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं से खिलाड़ियों को बेहतर अवसर और सुविधाएं मिली हैं। अब प्रदेश में भी खेलों के विकास को नई गति दी जाएगी।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर की गई टिप्पणी को लेकर पूछे गए सवाल पर बैरवा ने कहा कि यह राजनीतिक हमला नहीं है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जो आरोप लगाए हैं, वे सबके सामने हैं। जबकि यूडीएच मंत्री खर्रा ने दोनों के बीच चल रही बयानबाजी पर कहा कि इस पूरे मामले में अंतिम फैसला जनता जनार्दन ही करेगी। एसआइआर के मुद्दे पर खर्रा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि वोट चोरी का इतिहास कांग्रेस से जुड़ा रहा है। खर्रा ने कहा कि इस संबंध में इतिहास में दर्ज घटनाएं सबके सामने हैं।

कुश्ती केवल एक खेल नहीं, बल्कि युवाओं की ऊर्जा

इससे पहले राष्ट्रीय दशहरा मेला के तहत आयोजित तीन दिवसीय चंबल राजस्थान केसरी कुश्ती दंगल के समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि कुश्ती केवल एक खेल नहीं, बल्कि युवाओं की ऊर्जा, अनुशासन, साहस और धैर्य का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि शिक्षा नगरी कोटा अब खेल संस्कृति के क्षेत्र में भी अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर रही है।

उप मुख्यमंत्री बैरवा ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के सतत मार्गदर्शन और प्रयासों से कोटा क्षेत्र खेल जगत में नई ऊंचाइयां छू रहा है। कुश्ती भारत की प्राचीन परंपरा से जुड़ा खेल है, जो शारीरिक क्षमता के साथ मानसिक दृढ़ता और अनुशासन भी सिखाता है। उन्होंने दंगल में बेटियों की बढ़ती भागीदारी को गर्व का विषय बताते हुए कहा कि आज बेटियां खेल के मैदान में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खेलो इंडिया विजन और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश सरकार खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं और अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर अपनी ऊर्जा राष्ट्र निर्माण में लगाने का आह्वान किया।

Updated on:
5 Nov 2026, 9:29 AM IST
Published on: