राज्य सरकार की ओर से कोटा में खेल प्रेमियों को सौगात देने के लिए पहली बार गुमानपुरा स्कूल परिसर में खेल संकुल का निर्माण करवाया गया था। यूआईटी ने इस पर करीब 4 करोड़ 63 लाख रुपए खर्च किए। इसे खेलों की राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्पर्र्द्धांओं के मुताबिक तैयार किया गया। खिलाड़ियों को अत्याधुनिक सुविधाएं एवं संसाधन उपलब्ध हो सकें। पिछले साल इसका उद्घाटन भी कर दिया, लेकिन यूआईटी व शिक्षा विभाग यहां बिजली-पानी की व्यवस्था करना भूल गया।
राज्य सरकार की ओर से कोटा में खेल प्रेमियों को सौगात देने के लिए पहली बार गुमानपुरा स्कूल परिसर में खेल संकुल का निर्माण करवाया गया था। यूआईटी ने इस पर करीब 4 करोड़ 63 लाख रुपए खर्च किए। इसे खेलों की राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्पर्र्द्धांओं के मुताबिक तैयार किया गया। खिलाड़ियों को अत्याधुनिक सुविधाएं एवं संसाधन उपलब्ध हो सकें। पिछले साल इसका उद्घाटन भी कर दिया, लेकिन यूआईटी व शिक्षा विभाग यहां बिजली-पानी की व्यवस्था करना भूल गया।
खिलाड़ियों ने बताया कि खेल संकुल में जब भी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम होता है तो उन्हें कैम्पर का पानी पीना पड़ता है। यहां पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं है, जबकि वाटर कूलर लगाने के लिए जगह छोड़ रखी है, लेकिन उसके लिए पाइप लाइन डालनी पड़ेगी। यहां बिजली की भी कोई व्यवस्था नहीं है। बाहर की तरफ बास्केटबॉल, वॉलीबॉल कोर्ट बने हैं। यह अंधेरे में डूबे रहते हैं। सुरक्षा के लिए गार्ड नहीं लगा है।
खेल संकुल में यह सुविधाएं हैं
खेल संकुल में 2 बैडमिंटन, जिम, हॉकी, 2 बास्केटबॉल, 2 लोन टेनिस, 1 वालीबॉल, खो-खो, कबड्डी, हैंडबॉल के कोर्ट बने हैं।
खेल सामग्री के लिए बजट भी नहीं
खेल सामग्री के लिए 2 लाख का बजट का प्रावधान है, लेकिन वह भी नहीं आया। इसके चलते खिलाड़ियों को खेल सामग्री भी वितरित नहीं की गई। गुमानपुरा महात्मा गांधी अंग्रेजी स्कूल के प्रिंसिपल राहुल शर्मा ने बताया कि काफी समय से खेल सामग्री के लिए बजट भी नहीं आ रहा।
यूआईटी ने बनाते समय यहां बिजली-पानी की व्यवस्था नहीं की। हम कर भी दें, लेकिन बीकानेर शिक्षा निदेशालय से खेल सामग्री व अन्य बजट भी नहीं आ रहा। इसके चलते यहां व्यवस्था नहीं हो पा रही है।
केके शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक कोटा