कोटा

बैंक एक हो गए तो भाषा, प्रांत, जातिवाद क्यों ?

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टॉफ एसोसिएशन का आंचलिक सम्मेलन।  
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Updated: 10 Mar 2018, 7:22 PM IST
SBI Staff Meet

कोटा.

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टॉफ एसोसिएशन के बैनर पर कोटा अंचल के एक दर्जन से अधिक जिलों के बैंक कर्मियों का आंचलिक सम्मेलन शनिवार को महावीर नगर प्रथम स्थित सनाढ्य भवन में हुआ। इसमें एसोसिएशन जयपुर स्तर के पदाधिकारियों ने भी भाग लिया।

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जयपुर से आए बैंक कर्मचारी नेता अजात शत्रु ने कहा कि अप्रेल 2017 के पहले एसबीआई और एसबीबीजे के कर्मचारी अलग-अलग थे। लेकिन विलय के बाद एक हो गए। हमारा बैंक एक हो गया। सभी एक छत के नीचे आ गए हैं। फिर भाषा, प्रांत जातिवाद क्यों। हमें भी यह भेद मिटाकर एकजुट होना होगा।

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टॉफ एसोसिएशन को अन्य संगठनों के समान मान्यता मिल चुकी है। हमारा संगठन भी अन्य संगठनों के समान बैंक कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए प्रयासरत है। कई कर्मचारियों की समस्याओं का बैंक प्रबंधन से मिलकर समाधान भी करवाया है।

ओवर टाइम का निकलवाओ ऑफिशियल ऑर्डर

अरुण कूलवाल ने कहा कि कई बैंक कर्मियों की शिकायत है कि बैंक उनसे आठ की बजाय 10-12 घंटे तक काम कराती है। ड्यूटी के अतिरिक्त भी 3-4 घंटे का ओवर टाइम करना पड़ता है, लेकिन इसका उन्हें कोई बेनिफिट नहीं मिलता। इस पर उन्होंने कहा कि आप किसी का पर्सनल काम नहीं कर रहे। बैंक का काम करते हैं। अगर कोई ड्यूटी के अतिरिक्त काम करवाता है तो उसके लिए ऑफिशियल ऑर्डर जारी कराओ। भीलवाड़ा के अजय गुप्ता, जयपुर के शरद कपूर, अलवर के सौरभ शर्मा, कोटा के बैंक कर्मचारी नेता संजीव झा, विपिन चौरायवाल, अशोक ढल, पवन अग्रवाल आदि ने भी सम्बोधित किया।

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