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राजस्थान से MP को सीधा जोड़ेगी 276 KM की रेलवे लाइन, 5 जिलों के 27 स्टेशन होंगे कनेक्ट, बचेंगे 3 घंटे

Indian Railway Good News: यह रेल लाइन कोटा, झालावाड़, राजगढ़, सीहोर और भोपाल, इन पांच जिलों को सीधे जोड़ेगी। वर्तमान में भोपाल से कोटा के बीच यात्रा नागदा-उज्जैन या बीना मार्ग से होती है, जिससे दूरी और समय अधिक लगता है।

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Apr 14, 2026
फोटो: पत्रिका

Ramganjmandi To Bhopal New Rail Line: राजस्थान और मध्यप्रदेश को सीधे रेल संपर्क से जोड़ने वाली बहुप्रतीक्षित रामगंज मंडी–भोपाल नई रेल लाइन परियोजना में कोटा मंडल के अधीन 165 किमी रेलखंड में से 145 किमी का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। वहीं भोपाल रेल मंडल में भी योजना का काम प्रगति पर है। कोटा मंडल की ओर से शेष 20 किमी रेललाइन बिछाने का कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है, जिसे चालू वित्तीय वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य है।

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3035 करोड़ की परियोजना, कुल 187 किमी कार्य पूर्ण

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन के अनुसार 276 किमी लंबी इस महत्वाकांक्षी परियोजना की अनुमानित लागत 3,035 करोड़ रुपए है। रामगंज मंडी से ब्यावरा तक 165 किमी का हिस्सा कोटा मंडल के अधीन है, जबकि 111 किमी भोपाल मंडल में आता है। अब तक कुल 187 किमी कार्य पूरा हो चुका है, जिसमें 145 किमी रामगंज मंडी से राजगढ़ तक का कार्य कोटा मंडल ने पूर्ण किया है। शेष 89 किमी - कुरावर-श्यामपुर, सोनकच्छ-नरसिंहगढ़ और ब्यावरा-सोनकच्छ खंडों का निर्माण 2026-27 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है।

27 स्टेशनों से लाखों यात्रियों को मिलेगी सुविधा

इस परियोजना में कुल 27 स्टेशन शामिल हैं—रामगंज मंडी, जुल्मी, झालावाड़, झालरापाटन, जूनाखेड़ा, अमेठा, अकलेरा, पचोला, घटोली, नयागांव, भोजपुर, देवपुरा, खिलचीपुर, राजगढ़, नरसिंहपुर, ब्यावरा, पीपलखेड़ा, सोनकच्छ, नरसिंहगढ़, जमुनियागंज, कुरावर, श्यामपुर, दुराहा, जरखेड़ा, मुगलियाहाट, संत हिरदाराम नगर और निशातपुरा डी केबिन। परियोजना में 4 सुरंग, 4 महत्वपूर्ण पुल, 34 मुख्य पुल और 171 अंडरपास का निर्माण भी शामिल है।

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5 जिलों को मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी

यह रेल लाइन कोटा, झालावाड़, राजगढ़, सीहोर और भोपाल, इन पांच जिलों को सीधे जोड़ेगी। वर्तमान में भोपाल से कोटा के बीच यात्रा नागदा-उज्जैन या बीना मार्ग से होती है, जिससे दूरी और समय अधिक लगता है। नई रेल लाइन शुरू होने पर लगभग 100 किमी दूरी कम होगी और 2 से 3 घंटे की समय बचत होगी।

इसके अलावा, झालावाड़ स्थित कालीसिंध थर्मल पावर प्लांट तक कोयला परिवहन का मार्ग करीब 42 किमी छोटा हो जाएगा, जिससे माल ढुलाई लागत घटेगी। वहीं जयपुर से दक्षिण भारत जाने वाली मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों का मार्ग करीब 115 किमी कम होगा, जिससे यात्रा समय में लगभग 3 घंटे की बचत संभव होगी।

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Published on:
14 Apr 2026 01:09 pm
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