JEE Mains 2024 Topper : किसान की माटी, किसान का देश, जब है पक्के इरादे तो सफलता तो कदम चूंमेगी ही। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है नीलकृष्ण ने। नीलकृष्ण ने ऑल इंडिया फर्स्ट रैंक हासिल कर अपने परिवार और पूरे राजस्थान का नाम रौशन कर दिखाया है। नीचे पढ़ें उनकी सफलता की कहानी।
कोटा. जेईई मेन में कोटा का परिणाम एक बार फिर बेहतरीन रहा। किसान के बेटे नीलकृष्ण ने कोटा एलन इंस्टीट्यूट सहित महाराष्ट्र का नाम भी रौशन किया है। आज सभी लोग किसान के बेटे पर गर्व कर रहे हैं। नीलकृष्ण ने जेईई मेन में ऑल इंडिया फर्स्ट रैंक हासिल किया। उनका कहना है कि माता-पिता के सहयोग और कोचिंग के अच्छे गाइडेंस से सफलता हासिल हुई। नीलकृष्ण महाराष्ट्र में अकोला के पास वाशिन जिले के बेलखेड गांव का निवासी हैं। पिता किसान हैं और परिवार खेती पर निर्भर है। ऐसे में नीलकृष्ण ने कभी आर्थिक समस्याओं को कमजोरी नहीं बनने दिया।
जेईई मेन 2024 टॉपर नीलकृष्ण ने 11वीं कक्षा में कोचिंग में एडमिशन लिया था। गांव में कक्षा 4 तक पढ़ने के बाद कक्षा 5वीं से 10वीं तक की पढ़ाई जेसीआई स्कूल कारंजलाड में की। इसके बाद 11वीं कक्षा के दौरान कोटा में जेईई मेन की कोचिंग में एडमिशन लिया। नीलकृष्ण का कहना है कि उन्होंने 10-12 घंटे खूब मन से पढ़ाई की। अब उनका पूरा फोकस जेईई एडवांस्ड पर है। उनका आईआईटी मुंबई की सीएस ब्रांच से बीटेक करने का सपना है।
नीलकृष्ण का कहना है कि ज्यादा से ज्यादा नई चीजें जानने की इच्छा रखनी चाहिए। उन्होंने एग्जाम की तैयारी को लेकर बताया कि वह फिजिक्स क्लास नोट्स को रेफरेंस की तरह लेते हुए पढ़ते थे। साथ ही इन-आर्गेनिक कैमेस्ट्री के नोट्स रिव्यू करके और आर्गेनिक कैमेस्ट्री नोट्स पढ़ते थे। साथ ही प्रॉब्लम सॉल्व भी करते थे। नीलकृष्ण बताते हैं कि मैथ्स में प्रैक्टिस ज्यादा से ज्यादा होनी चाहिए। अगर सवाल समझ नहीं आता तो दोबारा पूछने में शर्म नहीं रखना चाहिए। हमेशा ज्यादा से ज्यादा सीखने की कोशिश करते रहनी चाहिए।