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Success Story: जानें कौन है कोटा के यश कालरा, जिनके स्टार्टअप को ‘शार्क टैंक’ से मिली करोड़ों की फंडिंग

Yash Kalra Of Kota: कोटा के यश कालरा ने अपने स्टार्टअप के माध्यम से फूड और न्यूट्रिशन क्षेत्र में नया मुकाम हासिल किया है।

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Jan 16, 2026
फोटो: पत्रिका

National StartUp Day 2026: चंबल के किनारे बसे शहर कोटा की पहचान देश-दुनिया में डॉक्टर- इंजीनियर्स तैयार करने वाली शिक्षा नगरी के रूप में है, लेकिन इनोवेशन यानी कुछ नया कर दिखाने में भी कोटा यूथ जनरेशन किसी से कम नहीं है।

शिक्षा, एआई, कुछ यूनिक से लेकर खेती तक हर क्षेत्र में कोटा के युवा हर दिन कुछ नया कर दिखा रहे हैं। सबकी अपनी कहानियां है। स्पर्धा, चुनौतियों और संघर्ष के बीच न केवल शहर के ऐसे युवाओं ने समाज में पहचान बनाई है, बल्कि देश के बाहर भी अपनी योग्यता और इनोवेशन से नई कहानियां लिखी है।

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सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग में उप निदेशक मनोज मीणा के अनुसार कोटा के युवा तकनीक, शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य, ग्रीन एनर्जी और डिजिटल क्षेत्र में इनोवेशन कर राष्ट्र के विकास में योगदान दे रहे हैं। नेशनल स्टार्टअप डे पर इन्ही में से कुछ से पत्रिका ने बातचीत की।

'शार्क टैंक से मिली करोड़ों की फंडिंग

कोटा के यश कालरा ने डी 2 सी यानी डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर एक फूड और न्यूट्रिशन स्टार्टअप शुरू किया है। कालरा के स्टार्टअप ‘गोट लाइफ’ ने शार्क टैंक इंडिया सेशन से 2 करोड़ की फंडिंग हासिल की है।

स्टार्टअप को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्थापित आई स्टार्ट की कोटा यूनिट में पंजीकृत है। गोट लाइफ देश का पहला स्पून-फ्री, ड्रिंकेबल हाई-प्रोटीन ओट्स विकसित किया है, जिसे हेल्दी इटिंग को आसान बनाने के उद्देश्य से केवल 30 सेकंड के मिक्स, शेक और सिप फॉर्मेट में तैयार किया जा सकता है।

प्रति सर्विंग 24 ग्राम तक प्रोटीन, उच्च फाइबर, शून्य रिफाइंड शुगर और उपभोक्ता-अनुकूल फ्लेवर्स के साथ, ब्रांड ने पिछले 1.5 वर्षों में 1 लाख से अधिक यूनिट्स की बिक्री की है। आई स्टार्ट के मेंटर्स के अनुसार प्रारंभिक फंडिंग आई स्टार्ट के माध्यम से प्राप्त हुई।

अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जोड़ रहे व्यापारियों को

कोटा के रजनीश अंतरराष्ट्रीय व्यापार विशेषज्ञ हैं, जो वर्ष 2020 से एक्सपोर्ट कंसल्टेंसी का संचालन कर रहे हैं। उदयपुर से एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट बिजनेस में एमबीए करते हुए प्रतिष्ठित एक्सपोर्ट कंपनियों में कार्य करते हुए निर्यात-आयात प्रक्रिया, डॉक्यूमेंटेशन, ट्रेड पॉलिसी को समझा और फिर खुद अपनी कम्पनी की स्थापना की।

Photo: Patrika

रजनीश बताते हैं कि कई व्यापारियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार की ज्यादा जानकारी नहीं होती, वे यहीं तक सिमट कर रह जाते हैं। ऐसे में एमएसएमई जैसी संस्थाओं से जुड़कर व्यापारियों को निर्यात जानकारी, प्रशिक्षण और मार्गदर्शन जरूरी समझा और कम्पनी शुरू कर दी। कंपनी से जुड़कर 7 लोग एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट कंसल्टेंसी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। कई ने एक्सपोर्ट बिजनेस शुरू किया है। अधिक लोग उनसे लाभान्वित हों, इसके लिए उन्होंने सोशल प्लेटफार्म को भी माध्यम बनाया है।

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Updated on:
16 Jan 2026 03:17 pm
Published on:
16 Jan 2026 03:13 pm
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