कोटा. स्वाइन फ्लू व डेंगू का प्रकोप के चलते बुधवार को एक जज और उनकी पत्नी को स्वाइन फ्लू पॉजीटिव आया है।
कोटा .
सरकार और चिकित्सा विभाग के तमाम दावों के बीच स्वाइन फ्लू व डेंगू का प्रकोप दिनों दिन घातक होता जा रहा है। अस्पतालों में मरीजों का तांता लगा है। विधायक की पत्नी और भतीजे के बाद बुधवार को एक जज और उनकी पत्नी को स्वाइन फ्लू पॉजीटिव आया है। 12 नए स्वाइन फ्लू पॉजीटिव और 29 मरीजों डेंगू पॉजीटिव आए हैं। पिछले दिनों मांडलगढ़ की विधायक की स्वाइन फ्लू से मौत हो चुकी है।
केन्द्रीय प्रयोगशाला से बुधवार को प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार स्वाइन फ्लू के 36 सैम्पल लिए गए थे जिनमें से 12 की रिपोर्ट पॉजीटिव आई है। इनमें कोटा में पदस्थापित 47 वर्षीय न्यायाधीश और 40 वर्षीय उनकी पत्नी भी शामिल हैं। हालांकि न्यायाधीश बुधवार को अदालत आए और रोजाना की तरह कामकाज भी किया लेकिन रिपोर्ट आने की जानकारी मिलने के बाद वे घर आराम करने चले गए। इधर, 12 पॉजीटिव में कोटा व बारां जिले के मरीज हैं, 24 मरीजों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है।
नए 29 डेंगू पॉजीटिव में से 3 बूंदी व 2 बारां के और शेष 24 कोटा के हैं।
स्वाइन फ्लू मरीजों की देखभाल करने वाले स्टाफ को टीके तक नहीं लगाए
शहर में स्वाइन फ्लू व डेंगू जैसी घातक बीमारियां कम होने का नाम ही नहीं ले रही है। सभी सरकारी अस्पतालों में स्वाइन फ्लू से पीडि़तों के उपचार के लिए वार्ड तो बना दिए लेकिन मरीजों की देखभाल करने वालों की सुरक्षा का ही ध्यान नहीं रखा जा रहा है। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक्सरे कक्ष के सामने ही स्वाइन फ्लू वार्ड शुरू किया गया है। इतना ही नहीं यहां इस वार्ड में मरीजों की देखभाल करने वाले नर्सिंग स्टाफ को टीके तक नहीं लगाए गए हैं। हालात यह है कि प्रयोगशाला में रोजाना 30 से अधिक स्वाइन फ्लू व 60 सेम्पल डेंगू की जांच के लिए आ रहे हैं।
न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल
न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में गेट नम्बर 4 के पास आपातकालीन शल्य चिकित्सा केन्द्र के नजदीक और एक्सरे कक्ष के सामने ही स्वाइन फ्लू वार्ड शुरू किया गया है। एक कक्ष में संदिग्ध मरीजों को रखा गया है तो दूसरे में पॉजेटिव मरीजों को। यहां स्वाइन फ्लू पॉजीटिव दो महिलाएं और तीन संदिग्ध मरीज भर्ती हैं।
सूत्रों ने बताया कि यहां स्वाइन फ्लू वार्ड तो शुरू कर दिया गया है लेकिन उनकी देखभाल के लिए अलग से कोई नर्सिंग स्टाफ नहीं लगाया गया है। इमरजेंसी वार्ड का स्टाफ ही इस वार्ड के मरीजों को भी देख रहे हैं। हालत यह है कि नर्सिंग स्टाफ को अभी तक बचाव के टीके ही नहीं लगाए गए हैं।
इधर अस्पताल अधीक्षक डॉ. देवेन्द्र विजयवर्गीय का कहना है कि इमरजेंसी स्टाफ के साथ ही स्वाइन फ्लू स्टाफ लगाया गया है। अलग से कोई स्टाफ नहीं लगाया है। जहां तक टीकों का सवाल है सप्लाई कम होने से 35 टीकें बुधवार को ही आए हैं। उन्हें प्राथमिकता से लगाया जाएगा।