कोटा मेडिकल कॉलेज में सिस्टम की बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहाँ ऑपरेशन के बाद महिलाओं की मौत और किडनी फेल होने की घटना के बीच विधायक संदीप शर्मा खुद खराब लिफ्ट में 15 मिनट तक फंसे रहे।
शिक्षा नगरी कोटा के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो मानवता और व्यवस्था दोनों को शर्मसार करने वाली है। एक तरफ अस्पताल की लापरवाही के कारण दो महिलाओं ने दम तोड़ दिया और छह महिलाएं जीवन-मौत के बीच जूझ रही हैं, वहीं दूसरी तरफ इस गंभीर मुद्दे पर फीडबैक लेने पहुँचे भाजपा विधायक संदीप शर्मा खुद अस्पताल की खस्ताहाल लिफ्ट में 15 मिनट तक कैद हो गए। लेकिन हद तो तब हो गई जब लिफ्ट से बाहर आने पर एक जिम्मेदार डॉक्टर ने बेशर्मी से हंसते हुए विवादित बयान दे डाला।
कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा बुधवार को उन परिवारों से मिलने अस्पताल पहुँचे थे, जिनके घर की महिलाएं सीजेरियन ऑपरेशन के बाद 'सिस्टम की शिकार' हो गईं।
जैसे ही विधायक और प्रिंसिपल लिफ्ट से बाहर आए, वहां मौजूद पत्रकारों ने अव्यवस्थाओं पर सवाल किए। इसी दौरान एक डॉक्टर की संवेदनहीनता कैमरे में कैद हो गई।
जब पत्रकार ने पूछा कि लिफ्ट कैसे फंस गई, तो एक डॉक्टर ने मुस्कुराते हुए कहा, "दोबारा फंसना पड़ेगा इसके लिए तो।"
महिलाओं की मौत के मातम के बीच डॉक्टर का यह मजाकिया लहजा अब सरकार और प्रशासन के लिए गले की हड्डी बन गया है। सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर भारी नाराजगी देखी जा रही है।
लिफ्ट की घटना ने उस मुख्य मुद्दे को दबाने की कोशिश की, जिसके लिए विधायक वहां पहुँचे थे। कोटा के सरकारी अस्पताल में सीजेरियन ऑपरेशन (प्रसव) के बाद अचानक 6 महिलाओं की किडनी फेल हो गई।
इस गंभीर संक्रमण या मेडिकल लापरवाही के कारण दो महिलाओं की मौत हो चुकी है। मरीजों के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में इस्तेमाल की जा रही दवाएं या इन्फेक्शन कंट्रोल सिस्टम पूरी तरह फेल है।
लिफ्ट से बाहर निकलने के बाद विधायक संदीप शर्मा ने अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने प्रिंसिपल और अस्पताल प्रशासन को जमकर फटकार लगाई। विधायक ने कहा कि "अगर विधायक और प्रिंसिपल फंस सकते हैं, तो सोचिए गंभीर हालत में आए मरीजों और उनके तीमारदारों का क्या होता होगा?" उन्होंने लिफ्ट की तत्काल सर्विस कराने और महिलाओं की मौत के मामले में उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।