
- तीनों बच्चियां सहरिया आदिवासी परिवार से, हादसे के बाद मचा कोहराम
- पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे, प्रशासन ने हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया
बारां. जिले के सदर थाना क्षेत्र के फतेहपुर गांव में शनिवार को दर्दनाक हादसे में कूलर के करंट की चपेट में आने से तीन सगी आदिवासी बहनों की मौत हो गई। मृतकों में 7 वर्षीय सलोनी, 4 वर्षीय अवंतिका और 2 वर्षीय संध्या शामिल हैं। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया। सदर थाना अधिकारी नवल किशोर मीणा ने बताया कि गुना जिले के सिरसी थाना क्षेत्र के करनावता गांव निवासी मदनलाल सहरिया फतेहपुर गांव में एक किसान के यहां खेतीहर मजदूरी करता है। उसका परिवार खेत पर बने घर में रह रहा था। शनिवार को परिजन खेत पर मजदूरी करने गए हुए थे। इसी दौरान घर पर तीनों बच्चियां थीं। कूलर में करंट आने से तीनों उसकी चपेट में आ गईं।परिजन जब वापस घर पहुंचे तो हादसे का पता चला। उन्होंने तीनों बच्चियों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे
बारां उपखंड अधिकारी रामावतार मीणा ने बताया कि तीनों बच्चियों की करंट लगने से मौत की सूचना मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी अस्पताल पहुंचे। पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिए गए हैं। मृतकों के शव उनके मूल गांव तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने बताया कि परिवार को सरकार की ओर से नियमानुसार हरसंभव सहायता दिलाने के प्रयास किए जाएंगे।
तीन बहनों की मौत से पसरा मातम
एक साथ तीन मासूम सगी बहनों की मौत की खबर से फतेहपुर गांव और उनके मूल गांव करनावता में शोक की लहर है। हादसे ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। महज 7, 4 और 2 वर्ष की उम्र में तीनों बहनों की मौत ने हर किसी को झकझोर दिया।