मुकुन्दरा हिल्स में दिसम्बर में बाघों की दहाड़ नहीं गूंजी, लेकिन अब बाघों को लाने की कवायद तेजी से चल रही है।
कोटा . मुकुन्दरा हिल्स में दिसम्बर में बाघों की दहाड़ नहीं गूंजी, लेकिन अब बाघों को लाने की कवायद तेजी से चल रही है। शहरवासियों को भी बाघों के आने का इंतजार है। मुकुन्दरा के महमान बाघों के नाम लगभग तय हो गए हैं, लेकिन अब शहरवासियों को इस बात कि उत्सुकता है कि बाघ की जोड़ीदार बाघिन कौन होगी। हालांकि विभाग आधिकारिक तौर पर कुछ भी कहने से इनकार कर रहा है, लेकिन सूत्रों के अनुसार टी-83 बाघिन यहां बाघ की जोड़ीदार हो सकती है।
नौ का चयन, बसाए जाएंगे तीन
जानकारी के अनुसार विभाग ने 5 बाघिन व 4 बाघों को यहां लाने वाले बाघों की संभावित सूची में शामिल किया है। इनमें से एक बाघ और दो बाघिनों को यहां लाकर छोड़ा जाएगा। यहां आने वाले बाघों की सूची में पहला रामगढ़ में विचरण कर रहा बाघ टी-91 या रणथंभौर से टी-95 दोनों में से एक को लाकर छोड़ा जा सकता है, वहीं बाघिनों में संभवतया लाइटिंग नामक बाघिन टी-83 हो सकती है। इनके अलावा बाघिन टी-78 व टी-81 में से भी कोई मुकुन्दरा की मेहमान हो सकती है।
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एनटीसीए को सौंपी सूची
स्टेट वाइल्ड लाइफ बोर्ड की स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन अजीत सिंह के साथ मुकुन्दरा के दो दिवसीय निरीक्षण पर आए कमेटी सचिव व मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक जी.वी. रेड्डी ने बताया कि टाइगर रिजर्व में कौनसे बाघ को लाया जाएगा, यह कहना अभी मुश्किल है, लेकिन एनटीसीए को हमने 9 बाघों के नाम दिए हैं। इनमें पांच बाघिन और चार बाघ हैं। सभी बिंदुओं पर विचार करने के बाद बाघों को छोड़ा जाएगा।