
-वन विभाग ने गांव का रास्ता बंद किया
-ग्रामीणों और रेंजर में हुई तीखी बहस
कोटा. मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व ( Mukandra Hills Tiger Reserve ) के बीचोंबीच बसे घाटी जागीर गांव ( jagir village ) में रविवार देर शाम को बाघिन एमटी-4 ( tigress MT4) ने महिला पर हमला बोल दिया। ( Tigress Attack On Women ) महिला ने जैसे-तैसे भागकर अपनी जान बचाई। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी तो मौके पर पहुंचे वन विभाग के रेंजर ने ग्रामीणों को साफ कह दिया कि ये बाघिन का इलाका है, गांव खाली कर दो। ( tigress Terror ) इसके बाद ग्रामीणों और रेंजर में बहस भी हुई।
उल्लेखनीय है कि बाघिन एमटी 4 बीते दस दिनों से घाटी जागीर गांव के आसपास डेरा डाले हुए है। आसान शिकार की चाह में बाघिन की नजर ग्रामीणों के मवेशियों पर रहती है। इसी वजह से वो अक्सर गांव की सीमा पर गश्त लगाते दिख जाती है। इसके बाद से ही ग्रामीणों में खासी दहशत है। उन्होंने अपने मवेशियों को सुरक्षा के लिए बाड़ों में कैद कर दिया है।
विस्थापन की समस्या
वन विभाग टाइगर रिजर्व में पर्यटकों की आवाजाही शुरू करने की तैयारी में जुटा है। दूसरी ओर रिजर्व में बसे गांव अब भी बड़ी समस्या बने हुए हैं। ये आगे चलकर मानव और बाघ के बीच टकराव का कारण बन सकते हैं। ऐसे हालात से दोनों को ही नुकसान होगा।
यह टाइगर रिजर्व बाघिन का इलाका, खाली कर दो गांव
रविवार को जब बाघिन ने गांव के धीरज सिंह की पत्नी को निशाना बनाने की कोशिश की तो उसने भाग कर अपनी जान बचाई। इसके बाद ग्रामीणों की शिकायत पर रेंजर मक्खन लाल दो गार्ड लेकर पहुंचे। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने मदद की बजाय साफ कह दिया कि बाघिन तो ऐसे ही घूमेगी, आप को जान का खतरा है तो गांव खाली कर दो। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उचित मुआवजा नहीं मिलता तब तक वह गांव नहीं छोड़ेंगे। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि वन विभाग उनके आने-जाने के रास्ते खोले ताकि वे खेतों तक पहुंच सकें।
गांव रिजर्व में, बाघों का मूवमेंट तो होगा ही
घाटी जागीर गांव टाइगर रिजर्व के बीचों बीच बसा है। यहां तो बाघों का मूवमेंट होना ही है। ग्रामीणों के विस्थापन की प्रक्रिया चल रही है। जब तक वह गांव खाली नहीं करते तब तक वन विभाग की टीम को गश्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
टी मोहन राज, उप वन संरक्षक, मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व