Valentines Day 2026: कोटा की कोचिंग सिटी में इस बार वेलेंटाइन डे कुछ अलग अंदाज में मनाया जा रहा है। यहां एक्सपर्ट फैकल्टी प्यार को फिजिक्स और कैमेस्ट्री से जोड़कर स्टूडेंट्स को पढ़ाई के प्रति प्रेरित कर रहे हैं। कोई न्यूटन के नियमों में प्रेम ढूंढ रहा है तो कोई रिएक्शन में रिश्तों की समझ, जिससे पढ़ाई बन रही मजेदार।
Valentines Day 2026: कोटा: यह देश की कोचिंग सिटी कोटा है। यहां प्यार के अलग मायने हैं। एक्सपर्ट फैकल्टी को जहां अपने सब्जेक्ट से बेइंतिहा मोहब्बत है, वहीं बच्चों को भी छठीं कक्षा से ही साइंस और मैथ्स से प्यार करना सिखा रहे हैं। कोचिंग फैकल्टी अपने विषय के प्रति पूर्ण समर्पित और जुनूनी है।
फिजिक्स पढ़ाने वाले शिक्षक कहते हैं कि उनके लिए न्यूटन के नियम और वेक्टर ही सच्चा प्यार हैं, तो कैमिस्ट्री फैकल्टी के लिए बॉन्डिंग और रिएक्शन ही प्रेम के रिश्ते की असली परिभाषा है। मैथ्स के शिक्षक समीकरणों में संतुलन को जीवन का मूलमंत्र मानते हैं तो बायोलॉजी फैकल्टी जीवन की जटिल संरचना में प्रेम की सरलता खोजते हैं।
कोटा टीचर्स का मानना है कि स्टूडेंट्स की सफलता से बढ़कर उनके लिए वेलेंटाइन डे का कोई उपहार नहीं हो सकता। हर साल हजारों डॉक्टर-इंजीनियर बनाने वाले कोटा कोचिंग के शिक्षकों का कहना है कि यहां स्टूडेंट्स के लिए उनका लक्ष्य ही उनका वेलेंटाइन है।
बायोलॉजी हमें जीवन का आधार समझाती है। जैसे हमारे शरीर की हर कोशिका का अपना महत्व होता है, वैसे ही किसी भी रिश्ते में छोटी-छोटी भावनाएं और संवेदनाएं बेहद अहम होती हैं। अगर एक भी कोशिका असंतुलित हो जाए तो उसका असर पूरे शरीर पर पड़ता है। ठीक उसी तरह रिश्तों में भी छोटी अनदेखी दूरियां बढ़ा सकती हैं।
मेरे अनुसार प्रेम एक जीवंत प्रक्रिया है, जिसे निरंतर देखभाल, धैर्य और विश्वास की आवश्यकता होती है। प्रकृति हमें संतुलन का संदेश देती है। हर बदलाव के बीच सामंजस्य बनाए रखना जरूरी है। रिश्तों में भी यही संतुलन उन्हें मजबूत और स्थायी बनाता है। सच्चा प्रेम वही है, जो समय के साथ और परिपक्व होता जाए।
-उर्वशी गौड़, बायोलॉजी
मेरे लिए प्यार बिल्कुल केमिकल बॉन्ड की तरह है। जब दो तत्व सही अनुपात, सही परिस्थितियों और आपसी समझ के साथ जुड़ते हैं, तभी एक मजबूत और स्थायी यौगिक बनता है। इसी तरह रिश्तों में भी विश्वास, सम्मान और खुला संवाद बेहद जरूरी है।
ये वही आधार हैं, जो किसी भी संबंध को मजबूती देते हैं। रसायन विज्ञान सिखाता है कि संतुलन बिगड़ते ही रिएक्शन का परिणाम बदल जाता है। रिश्तों में भी यदि अहंकार या गलतफहमी बढ़ जाए, तो सामंजस्य प्रभावित होता है। इसलिए समझदारी, धैर्य और संवेदनशीलता ही संबंधों की स्थिरता बनाए रखते हैं। सच्चा प्रेम वही है, जो समय और परिस्थितियों की परीक्षा में भी मजबूत बना रहे।
-निशा गुप्ता, कैमिस्ट्री
वेलेंटाइन डे पर जहां हर तरफ प्यार की बातें होती हैं, वहीं मैं छात्रों से एक अलग तरह के प्रेम की बात करता हूं, अपने भविष्य से प्रेम। इस उम्र में भावनाएं और आकर्षण स्वाभाविक हैं, लेकिन यही समय लक्ष्य पर सबसे अधिक फोकस करने का भी है। सच्चा प्यार केवल भावना नहीं, बल्कि रोज का प्रयास है। देर रात तक पढ़ना, कठिन अध्याय दोहराना, कम अंक आने पर हार न मानना, ये सब अपने सपनों के प्रति कमिटमेंट है।
आज के दौर में ध्यान भटकाना आसान है, लेकिन जो विद्यार्थी अपने लक्ष्य से प्रेम करना सीख लेता है, उसके निर्णय स्पष्ट हो जाते हैं। अपने भविष्य से प्यार का अर्थ है, समय की कद्र करना और छोटे आकर्षणों के लिए बड़े सपनों से समझौता न करना। इस वेलेंटाइन डे अपने भविष्य से भी कहें, मैं हार नहीं मानूंगा।
-नितिन विजय, फिजिक्स
वेलेंटाइन डे पर जब प्रेम की बात होती है, तो मुझे लगता है कि जिंदगी भी रसायन विज्ञान की तरह है। मैं केमिस्ट्री का शिक्षक हूं और मुझे अपने सब्जेक्ट से बेइंतिहा मोहब्बत है। लेकिन असली केमिस्ट्री मैंने अपनी पत्नी के साथ जीवन में सीखी। जैसे दो तत्व सही अनुपात में मिलकर स्थायी यौगिक बनाते हैं, वैसे ही विश्वास और सम्मान रिश्ते को मजबूत बनाते हैं।
जीवन में कभी तापमान बढ़ता है, कभी दबाव आता है, लेकिन संतुलन बनाए रखना ही असली कला है। प्रेम, संवाद और समझ हमारे रिश्ते की ऊर्जा हैं। जब दो लोग एक-दूसरे के सपनों के उत्प्रेरक बन जाएं, तो सफलता की अभिक्रिया और तेज हो जाती है। सच्ची केमिस्ट्री प्रयोगशाला में नहीं, दिलों के बीच बनती है।
-विशाल जोशी, कैमिस्ट्री