कोटा

वीएमओयू: सकारात्मक सोच व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बनाती मजबूत

वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय में जीवन मूल्यों को समझने और आंतरिक विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “विश्वास का जीव विज्ञान” विषय पर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया।

less than 1 minute read
May 01, 2026
वीएमओयू में कार्यशाला में उप​िस्थत स्टूडेंट्स

Kota News: वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय में जीवन मूल्यों को समझने और आंतरिक विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “विश्वास का जीव विज्ञान” विषय पर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता अमित वर्मा ने विद्यार्थियों, शिक्षकों और विद्वज्जनों को संबोधित करते हुए मन और शरीर के गहरे संबंध को वैज्ञानिक आधार पर समझाया।
उन्होंने कहा कि मनुष्य के भीतर उत्पन्न होने वाले सकारात्मक और नकारात्मक विचार केवल मानसिक स्तर तक सीमित नहीं रहते, बल्कि वे शरीर की कोशिकाओं, तंत्रिका तंत्र और समग्र स्वास्थ्य पर प्रत्यक्ष प्रभाव डालते हैं। उन्होंने बताया कि आधुनिक विज्ञान की शाखाएं जैसे एपिजेनेटिक्स और मनोविज्ञान-तंत्रिका-प्रतिरक्षा विज्ञान इस तथ्य की पुष्टि करती हैं कि मन और शरीर अलग-अलग नहीं, बल्कि एक ही प्रणाली के दो अभिन्न पक्ष हैं।

अमित वर्मा ने उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि सकारात्मक सोच व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा सकती है, जबकि नकारात्मक विचार तनाव और बीमारियों को जन्म दे सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने विचारों को नियंत्रित करने और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के संयोजक डॉ. संदीप हुड्डा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यशाला के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों के समग्र विकास और मानसिक संतुलन के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।

इस कार्यशाला में योग विज्ञान के 119 विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई और विषय को गहराई से समझने का प्रयास किया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. प्रदीप गुप्ता, डॉ. सुरेंद्र सिंह और अविनाश शर्मा ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया ।कार्यशाला ने उपस्थित विद्यार्थियों को आत्मचिंतन, सकारात्मक सोच और जीवन में संतुलन स्थापित करने की दिशा में प्रेरित किया।

Published on:
01 May 2026 07:29 pm
Also Read
View All