
कोटा. चौबीस घंटे जलापूर्ति वाले चम्बल के शहर कोटा में अब लोग पानी को तरसने लगे हैं। नई बसी कॉलोनियों में तो सालों से पानी की समस्या है, लेकिन अब पुराने शहर के कई इलाकों में पानी की समस्या लोगों को चिड़ाने लगी है।
चम्बल के सबसे पास रामपुरा क्षेत्र के हालात एेसे ही हैं। यहां पिछले कई दिनों से पेयजल समस्या बनी हुई है। क्षेत्रवासी विशाल सुमन, मनोज वर्मा व इंदिरा बाई ने बताया कि रामपुरा के छोटी समाध स्थित बह्मपुरी व आसपास के इलाकों की स्थिति काफी खराब है। यहां दिन में नल सूखे रहते हैं और रात को पानी आता है। इसके चलते लोगों को पीने के पानी के लिए रातभर काली करनी पड़ती है। विशाल के अनुसार कई बार तो रात 3 बजे तक पानी भरते हैं। दिनभर थके हारे रात को पानी भरने के लिए जागना पड़ता है। किसी को नींद आ जाए तो फिर दिनभर पानी के लिए तरसते रहो। उन्होंने बताया कि पहले एेसी स्थिति नहीं थी, पर्याप्त जलापूर्ति होती थी। पानी की समस्या को लेकर शिकायतें भी की, लेकिन समाधान नहीं हुआ।
इधर, एक माह से मुश्किल
छावनी रामचन्द्रपुरा की स्थिति भी एेसी ही है। लॉकडाउन के बीच लोगों को पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। लोगों को करीब एक माह से पानी की परेशानी उठानी पड़ रही है। क्षेत्रवासी जलदाय विभाग में शिकायत कर चुके है, लेकिन समाधान नहीं हुआ। पूर्व पार्षद नरेश हाड़ा के अनुसार निचले क्षेत्र में तो बहुत कम पानी आता है। एक बाल्टी भरने में काफी समय निकल जाता है। जलदाय विभाग के अधिकारियों ने समस्या का समाधान करने का आश्वासन भी दिया था, लेकिन समस्या जस के तस बनी हुई है।