कोटा

राजस्थान क्यों आ रहे हैं 11 लाख लोग

कोटा जिले से भी करीब 26 हजार 140 लोग दूसरे राज्यों में जाएंगे। ये गत 7 मई तक पंजीकरण करा चुके हैं। इस तरह कोटा में 6 हजार 907 लोग विभिन्न राज्यों से आएंगे।
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May 09, 2020
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कोरोना के बीच प्रवासियों को घर लाने की तैयारी बैठक

कोटा. कोविड-19 के चलते लॉकडाउन में देश के विभिन्न राज्यों में फंसे करीब 11 लाख लोग राजस्थान आ रहे हैं। वहीं करीब करीब 7 लाख लोग राजस्थान से दूसरे राज्यों में जाएंगे। वहीं कोटा जिले से भी करीब 26 हजार 140 लोग दूसरे राज्यों में जाएंगे। ये गत 7 मई तक पंजीकरण करा चुके हैं। इस तरह कोटा में 6 हजार 907 लोग विभिन्न राज्यों से आएंगे। विभिन्न राज्यों में लॉकडाउन में फंसे लोगों के सामने रोजगार और खाने पीने का संकट खड़ा हो गया है, इसलिए वे वापस अपने राज्य में लौटना चाहते हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दूसरे राज्यों के श्रमिकों से अपने गृह राज्य के लिए पैदल नहीं निकलने की अपील करते हुए कहा कि वे बिना अनुमति लिए प्रस्थान ना करें। निर्धारित प्रक्रिया अपनाकर अनुमति प्राप्त करने वाले श्रमिकों के लिए राजस्थान सरकार उनके गृह राज्य से एनओसी प्राप्त कर उचित प्रबंध कर रही है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में लगभग 18 लाख लोग अंतर-राज्यीय आवागमन के लिए रजिस्टर करा चुके हैं। जिनमें से 11 लाख लोग प्रदेश में आने वाले हैं। इतनी बढ़ी संख्या में लोगों को यहां आना तब तक संभव नहीं है, जब तक लॉकडाउन समाप्त होने पर नियमित रूप से सड़क, हवाई एवं रेलवे सेवाएं शुरू नहीं हो जाएं।
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गहलोत ने कहा कि आवागमन के लिए प्राथमिकता उन लोगों को मिलनी चाहिए जो धार्मिक यात्रा, पर्यटन, व्यापार या अस्थाई रूप से किसी दूसरे राज्य में गए और अचानक लॉकडाउन के कारण वहां फंस गए। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने भी ऐसे लोगों को अपने गृह स्थान जाने के लिए यह छूट दी है। शेष प्रवासियों से पुन: आग्रह है कि धैर्य बनाए रखें और अपने स्थान पर रहें। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति दूसरे राज्य में आएगा उसे 14 दिन के लिए क्वारेंटाइन की असुविधा का सामना करना पड़ेगा, इसलिए जल्दबाजी नहीं करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल प्रवासी बंधु ही नहीं पूरे प्रदेश और देश में सभी लोग लॉकडाउन के कारण मानसिक रूप से परेशान हैं। इसका अहसास हम सभी को और राज्य सरकार को भी है। एक तरफ लोगों का जीवन बचना पहली प्राथमिकता है तो आजीविका का महत्व भी कम नहीं है। इसीलिए प्रदेश में मॉडिफाइड लॉकडाउन लागू करके संक्रमण को रोकने और आमजन जीवन को पटरी पर लाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

गहलोत ने कहा कि क्वारेंटाइन से घबराने की आवश्यकता नहीं इसमें संदिग्ध व्यक्ति को अपने निवास या राज्य सरकार द्वारा निर्धारित स्थान पर 14 दिन के लिए परिवार से बचकर अलग कमरे में रहना है। उन्होंने कहा कि क्वाारेंटाइन का हव्वा खड़ा करने की जरूरत नहीं है। कोरोना को लेकर समाज में किसी प्रकार की भ्रांतियां नहीं फैलनी चाहिए। इस संक्रमण से अधिकांश लोग ठीक हो रहे हैं। राजस्थान में अब तक कुल 3579 पॉजिटिव मरीजों में से 2011 मरीज ठीक हो चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण की स्थिति नियंत्रण में है और अब तक डेढ़ लाख से अधिक सैम्पल की जांच की जा चुकी है, जो देश में सबसे अधिक है। कोटा 8416 नमूनों की जांच शुक्रवार तक हो चुकी है। मुख्यमंत्री कहा कि राजस्थान में चिकित्सा सुविधाओं के आधारभूत ढांचे को लगातार मजबूत किया जा रहा है। प्रतिदिन 10 हजार से अधिक सैम्पल टेस्ट करने की क्षमता विकसित कर ली गई है और पर्याप्त संख्या में वेंटिलेटर और आईसीयू बेड उपलब्ध हैं।
गहलोत ने कहा कि प्रदेश में पॉजिटिव मरीजों की संख्या अधिक दिख रही है क्योंकि हमने बड़ी संख्या में जांच की है। यह अच्छा प्रयास है कि संक्रमित व्यक्ति के बारे में जानकारी सामने आए क्योंकि तभी संक्रमण को बढऩे से रोका जा सकेगा। अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर भी यही मान्यता है कि अधिक से अधिक लोगों के सैम्पल लेकर जांच की जाए। यह कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक है।

Updated on:
09 May 2020 05:31 am
Published on:
09 May 2020 05:27 am