कोटा

Success Story: लाखों के पैकेज वाली नौकरी छोड़कर कोटा के माधवेन्द्र प्रताप सिंह ने बिना कोचिंग के क्रैक किया UPSC एग्जाम, हासिल की 153वीं रैंक

Kota's Madhavendra Pratap Singh: लाखों के पैकेज वाली नौकरी छोड़कर अपने सपनों का पीछा करने वाले कोटा के माधवेन्द्र प्रताप सिंह ने कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर यूपीएससी परीक्षा में 153वीं रैंक हासिल कर आईएएस बनने का सपना पूरा किया।

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Mar 07, 2026
IAS Madhvendra Pratap Singh
माता-पिता के साथ माधवेन्द्र प्रताप सिंह की फोटो: पत्रिका

Motivational Story: शिक्षा नगरी कोटा ने एक बार फिर देश को एक प्रशासनिक अधिकारी दिया है। भारतीय प्रशासनिक सेवा के घोषित परिणामों में कोटा की नॉर्थ एक्स टाउनशिप के निवासी माधवेन्द्र प्रताप सिंह ने 153वीं रैंक हासिल कर न केवल परिवार का, बल्कि पूरे शहर का मान बढ़ाया है।

माधवेन्द्र की यह सफलता इसलिए खास है, क्योंकि उन्होंने एक सुरक्षित और आरामदायक कॅरियर को छोड़कर देश सेवा के कठिन मार्ग को चुना। आइआइटी खड़गपुर से बीटेक करने के बाद माधवेन्द्र एक प्रतिष्ठित कंपनी में अच्छे पैकेज पर नौकरी कर रहे थे, लेकिन मन में कुछ बड़ा करने और समाज के लिए काम करने का जज्बा उन्हें बेचैन कर रहा था। उन्होंने नौकरी से इस्तीफा दे दिया और सिविल सेवा की तैयारी में जुट गए।

कोटा में रहकर ही की तैयारी

अक्सर छात्र तैयारी के लिए दिल्ली का रुख करते हैं, लेकिन माधवेन्द्र ने कोटा को ही अपनी कर्मस्थली बनाया। उन्होंने किसी बड़े संस्थान की चकाचौंध के बजाय अपने घर की शांति को चुना। माधवेन्द्र के पिता नरेन्द्र प्रताप सिंह रेलवे में सेवारत हैं और माता रेनू सिंह गृहिणी हैं। मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाले माधवेन्द्र का मानना है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और माता-पिता का साथ हो, तो दुनिया की कोई भी परीक्षा कठिन नहीं है। उनकी इस उपलब्धि पर जश्न का माहौल है और बधाइयों का तांता लगा हुआ है।

जीवन में बदलाव लाना लक्ष्य

माधवेन्द्र ने बताया कि नौकरी के दौरान ही मुझे अहसास हुआ कि मैं प्रशासनिक सेवाओं के जरिए ज्यादा लोगों के जीवन में बदलाव ला सकता हूं। कोटा की आबोहवा में ही वो अनुशासन है जिसने मुझे घर पर रहकर पढ़ने की शक्ति दी।

Updated on:
07 Mar 2026 12:06 pm
Published on:
07 Mar 2026 10:33 am