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रामगंजमंडी के लोगों के लिए राहत: 110 करोड़ की ताकली बांध पेयजल योजना को लेकर आया यह अपडेट

Takli Dam Water Supply Scheme: रामगंजमंडी शहर और औद्योगिक क्षेत्र कुदायला को स्थायी पेयजल समाधान देने के लिए प्रस्तावित 110 करोड़ रुपए की ताकली बांध जलापूर्ति योजना एक बार फिर गति पकड़ती नजर आ रही है।

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कोटा

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kamlesh sharma

Jun 11, 2026

Takli Dam

ताकली बांध पेयजल योजना। फाइल फोटो पत्रिका

Takli Dam Water Supply Scheme : रामगंजमंडी (कोटा)। शहर और औद्योगिक क्षेत्र कुदायला को स्थायी पेयजल समाधान देने के लिए प्रस्तावित 110 करोड़ रुपए की ताकली बांध जलापूर्ति योजना एक बार फिर गति पकड़ती नजर आ रही है। बजट सत्र 2024-25 में स्वीकृत इस महत्वाकांक्षी परियोजना की तकनीकी बोली (टेक्निकल बिड) 16 जून को खोली जाएगी। हालांकि इसके बाद वित्तीय बोली, स्वीकृति और कार्यादेश जारी होने की प्रक्रिया पूरी होने में अभी करीब तीन माह का समय लग सकता है।

वर्तमान में रामगंजमंडी शहर को लगभग 60 किलोमीटर दूर स्थित राणा प्रताप सागर पेयजल परियोजना से पानी उपलब्ध कराया जाता है। इसी योजना के माध्यम से जल जीवन मिशन से जुड़े गांवों तथा कुंडाल क्षेत्र में भी जलापूर्ति की जाती है। बढ़ती आबादी और एक ही स्रोत पर बढ़ते दबाव को देखते हुए ताकली बांध से नई जलापूर्ति योजना तैयार की गई थी।

क्यों जरूरी हुई नई योजना

रामगंजमंडी में फिलहाल 48 घंटे के अंतराल में मात्र 45 मिनट जलापूर्ति की जाती है। योजना में तकनीकी खराबी आने पर शहर के सामने पेयजल संकट खड़ा हो जाता है। ऐसी स्थिति में लोगों को हैंडपंप और नलकूपों पर निर्भर रहना पड़ता है, जबकि विभाग को टैंकरों से पानी सप्लाई करनी पड़ती है।

शहर के कई इलाकों में कम दबाव से जलापूर्ति की समस्या बनी हुई है। वहीं नई विकसित कॉलोनियों तक पानी पहुंचाने के लिए पर्याप्त जल भंडारण क्षमता भी उपलब्ध नहीं है। इन्हीं चुनौतियों को देखते हुए ताकली बांध को वैकल्पिक एवं स्थायी स्रोत के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया। औद्योगिक क्षेत्र कुदायला में नल कनेक्शन व्यवस्था नहीं होने के कारण उसे भी इस परियोजना में शामिल किया गया।

पहली निविदा हुई थी निरस्त

राज्य सरकार से स्वीकृति मिलने के बाद अगस्त 2024 में परियोजना की निविदाएं आमंत्रित की गई थीं। इसमें पांच फर्मों ने भाग लिया था। लेकिन अंतिम प्रक्रिया से पहले तकनीकी स्तर पर कुछ विशेष कारण सामने आने पर पुरानी निविदा को निरस्त कर दोबारा टेंडर जारी करने का निर्णय लिया गया। इसी वजह से योजना की प्रगति कई माह तक रुकी रही।

चुनाव से पहले पानी पहुंचाना बड़ी चुनौती

परियोजना के तहत ताकली बांध पर फिल्टर प्लांट, भूतल जलाशय और नई पाइपलाइन का निर्माण किया जाना है। इसके लिए भूमि का चिन्हांकन पहले ही किया जा चुका है। योजना की निर्धारित अवधि लगभग दो वर्ष है। ऐसे में पाइपलाइन बिछाने, जलाशयों और टंकियों के निर्माण सहित अन्य कार्य समय पर पूरे करना जलदाय विभाग के लिए बड़ी चुनौती रहेगा। विधानसभा चुनाव से पहले शहरवासियों तक इस योजना का पानी पहुंच पाना फिलहाल संशय में दिखाई देता है।

अधिकारी बोले

जलदाय विभाग के अधिशासी अभियंता सोमेश मेहरा ने बताया कि योजना की तकनीकी बोली 16 जून को खोली जाएगी। इसके बाद वित्तीय बोली, स्वीकृति और सफल निविदादाता को कार्यादेश जारी होने तक लगभग तीन माह का समय लग सकता है।