पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता योजनाओं की सख्त जरूरत है। आयुष्मान दुर्घटना बीमा , पेंशन , पालनहार योजना सहित अन्य योजनाओं का उसे फायदा मिले तो परिवार को काफी हद तक समस्या से राहत मिल सकती है।
Rajasthan News: नागौर के बड़ीखाटू क्षेत्र के कसनाऊ गांव में करीब सोलह दिन पहले पैर फिसलने से तालाब में गिरने से हुई लक्ष्मण राम मेघवाल की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया है। 33 वर्षीय पत्नी इंद्रादेवी के लिए खुद के साथ बच्चों को संभाल पाना मुश्किलभरा हो गया है। सास -ससुर की मौत के बाद लक्ष्मण परिवार का मुखिया था उसकी मौत के बाद घर खर्च चलाना भी इंद्रा के लिए मुश्किल है। मोहल्ले के लोग रोजाना खाने पीने का समान देकर परिवार का गुजारा कर रहे हैं।
पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता योजनाओं की सख्त जरूरत है। आयुष्मान दुर्घटना बीमा , पेंशन , पालनहार योजना सहित अन्य योजनाओं का उसे फायदा मिले तो परिवार को काफी हद तक समस्या से राहत मिल सकती है।
इन्द्रादेवी के लिए बच्चों का पालन पोषण व उनकी पढ़ाई चुनौती बन गई है। उसके चार पुत्रियां दीपिका( 14), रिंकू (12) निशा (10) , भावना (6) वर्ष व एक पुत्र प्रमोद (8) है। सभी बच्चे पढ़ाई करते हैं। इंद्रा ने रोते हुए बताती है कि इन बच्चों का कैसे पालन-पोषण होगा। उसे कोई सरकारी सहायता भी नहीं मिलती है।