Ticket Checking Controversy: राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (रोडवेज) के अधिकारियों की कथित लापरवाही का मामला कुचामन रोड पर देखने को मिला। वहां एक बिना टिकट यात्री को पकड़ने और जुर्माना वसूलने के प्रयास में विजिलेंस टीम के अधिकारियों ने अपनी निजी कार से रोडवेज बस का पीछा कर लोगों की जान जोखिम में डाल दी।

Ticket Checking Controversy: राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (रोडवेज) के अधिकारियों की कथित लापरवाही का मामला कुचामन रोड पर देखने को मिला। वहां एक बिना टिकट यात्री को पकड़ने और जुर्माना वसूलने के प्रयास में विजिलेंस टीम के अधिकारियों ने अपनी निजी कार से रोडवेज बस का पीछा कर लोगों की जान जोखिम में डाल दी। बस सीकर से नागौर जा रही थी। वहीं हाईवे पर तेज रफ्तार से दौड़ती कार को देखकर कई दुपहिया वाहन चालक सहम गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटना गुरूवार रात करीब 11:30 बजे की है। जब सीकर से नागौर जा रही रोडवेज की एसी कोच बस में एक यात्री के बिना टिकट यात्रा करने की सूचना अधिकारियों को मिली थी। इसके बाद अधिकारी निजी कार लेकर कुचामन रोड पर बस के पीछे तेज गति से दौड़ पड़े। कार की रफ्तार इतनी अधिक थी कि रास्ते में चल रहे कई बाइक सवार बाल-बाल बच गए। स्थानीय लोगों के अनुसार यदि सामने से कोई भारी वाहन आता तो बड़ा हादसा हो सकता था।
पीछा करने के दौरान बेकाबू हुई कार कुचामन रोड पर सड़क किनारे पड़े पत्थरों से टकराकर रुक गई। उसके बाद भी टीम ने बस को रुकवाया। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। लोगों ने अधिकारियों की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए उन्हे खरीखोटी सुनाई। जनआक्रोश बढ़ने पर रोडवेज अधिकारियों ने बस स्टैंड पर अपनी गलती स्वीकार करते हुए भविष्य में ऐसी घटना नहीं दोहराने का आश्वासन दिया। हालांकि इसके बाद भी टीम ने बिना टिकट यात्री का चालान काटकर कार्रवाई की।
रोडवेज मुख्यालय जयपुर से सभी रोडवेज डिपो की विजिलेंस टीमों को रोडवेज बसों में नियमानुसार चेकिंग करने के निर्देश जारी हैं। नियम के अनुसार रोडवेज बस में चेकिंग के दौरान सक्षम अधिकारी सरकारी वाहन का ही उपयोग कर सकते हैं। चेकिंग के दौरान फोटो और वीडियोग्राफी भी करने के निर्देश हैं। लेकिन विजिलेंस टीम के अधिकारी हाईवे पर नियमों को दरकिनार कर रोडवेज बसों में चेकिंग कर रहे हैं। चेकिंग के दौरान अधिकारियों को पहचान पत्र भी साथ रखने के निर्देश दिए गए हैं। विजिलेंस टीम के मासिक टारगेट की भी मुख्यालय स्तर समीक्षा होती है।