कुशीनगर

नेपाल की बाढ़ के बाद नारायणी नदी में बहकर आए 7 शव, महराजगंज-कुशीनगर में दहशत; प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी

नेपाल में आई बाढ़ का असर अब नारायणी नदी के किनारे बसे उत्तर प्रदेश के इलाकों में दिखाई देने लगा है। बृहस्पतिवार को महराजगंज और कुशीनगर में नदी के आसपास सात अज्ञात शव मिलने से लोगों में चिंता बढ़ गई। महराजगंज में चार और कुशीनगर में तीन शव बरामद किए गए। इनमें महिलाओं और पुरुषों के शव शामिल हैं।
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Aug 28, 2026
Nepal flood
नारायणी नदी में सुरक्षा एजेंसियों का रेस्क्यू अभियान जारी। वीडियो ग्रैब

Nepal flood: महराजगंज के टेलफाल इलाके में बृहस्पतिवार को नदी के तेज बहाव के बीच एसएसबी और एसडीआरएफ की टीम को शव दिखाई दिए। भेड़िहारी के पास ठोकर नंबर एक से तीन शव निकाले गए। इनमें दो महिलाएं और एक पुरुष था।इसी क्षेत्र में बाद में एक महिला का शव और मिला। इस तरह महराजगंज में कुल चार शव बरामद हुए। पुलिस के मुताबिक, शवों की पहचान अभी नहीं हो पाई है। उन्हें भेड़िहारी में सुरक्षित रखा गया है। स्थानीय प्रशासन ने नेपाल के अधिकारियों को भी इसकी जानकारी दी है।

कुशीनगर में तटबंध के पास तीन शव दिखे

कुशीनगर में भी शाम के समय लोगों की नजर नदी में बह रहे शवों पर पड़ी। खड्डा थाना क्षेत्र के सिसवा गोपाल गांव के पास छितौनी तटबंध के ठोकर संख्या ए के नजदीक तीन शव अलग-अलग जगहों पर दिखाई दिए।

सूचना फैलते ही आसपास के गांवों से लोग तटबंध पर पहुंचने लगे। पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर शवों को पानी से बाहर निकाला। यहां मिले शवों में दो महिलाओं और एक पुरुष का शव बताया गया है। पुलिस ने इन्हें मोर्चरी में रखवाया है। पहचान के लिए डीएनए जांच कराए जाने की बात कही गई है।

नदी में सिर्फ शव नहीं, सामान भी आ रहा

नेपाल में बाढ़ के बाद नारायणी नदी का बहाव अपने साथ कई तरह की चीजें भी ला रहा है। नदी में लकड़ी, घरेलू सामान और अन्य वस्तुएं बहती हुई दिखाई दे रही हैं। इन्हें निकालने के लिए कुछ स्थानीय लोग और मछुआरे नाव लेकर नदी की ओर जाने लगे थे।

प्रशासन ने इसे देखते हुए तत्काल रोक लगा दी। अधिकारियों ने लोगों को नदी में नाव नहीं ले जाने और पानी के करीब नहीं जाने की हिदायत दी है। तेज बहाव के कारण किसी भी तरह का जोखिम नहीं उठाने को कहा गया है।

किसानों और मजदूरों की आवाजाही भी रुकी

नदी के उस पार दियारा इलाके में तमकुहीराज और खड्डा तहसील के किसान और मजदूर रोजाना काम के लिए जाते हैं। बाढ़ के अलर्ट के बाद प्रशासन ने पहले ही वहां से लोगों को वापस बुला लिया था। अब नावों का संचालन भी रोक दिया गया है।इसके कारण बृहस्पतिवार को किसान खेती से जुड़े काम के लिए नदी पार नहीं जा सके। अधिकारियों के मुताबिक, हालात सामान्य होने तक नदी के दूसरी तरफ लोगों की आवाजाही बंद रहेगी।

नेपाल की बाढ़ के बाद प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी

भोटेकोसी नदी में बाढ़ के बाद नेपाल के रसुवा क्षेत्र में बड़े नुकसान की जानकारी सामने आई है। इसी को देखते हुए उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में भी प्रशासन सतर्क है। डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने नदी के आसपास निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

खड्डा और तमकुहीराज समेत संवेदनशील इलाकों में पुलिस और होमगार्ड की निगरानी बढ़ाई गई है। अधिकारियों को घाटों और नदी किनारे के इलाकों की स्थिति पर लगातार नजर रखने को कहा गया है।

अज्ञात शव या सामान दिखे तो खुद नदी में न उतरें

प्रशासन ने लोगों से खास तौर पर अपील की है कि नदी में कोई शव या बहकर आई संदिग्ध वस्तु दिखाई देने पर उसे खुद निकालने की कोशिश न करें। सूचना मिलने पर एसडीआरएफ और पीएसी की फ्लड बटालियन की मदद से उसे सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला जाएगा।

प्रशासन ने शव मिलने की स्थिति में स्थान, समय और घटना से जुड़ी जानकारी दर्ज करने के साथ फोटो सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं। वहीं, नेपाल की तरफ से बहकर आने वाली किसी अज्ञात वस्तु को छूने से भी लोगों को मना किया गया है। नारायणी नदी में लगातार आ रहे पानी और सामान को देखते हुए प्रशासन की निगरानी फिलहाल जारी है।

Updated on:
28 Aug 2026 03:13 pm
Published on:
28 Aug 2026 03:12 pm