
ttar Pradesh Flood Alert: नेपाल में अचानक आई बाढ़ और भारी बारिश के बाद उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में सतर्कता बढ़ा दी गई है। नेपाल से आने वाली नदियों में पानी बढ़ने की आशंका को देखते हुए दोनों राज्यों के सीमावर्ती और नदी किनारे वाले इलाकों में प्रशासन को अलर्ट किया गया है। यूपी में जहां महराजगंज और कुशीनगर पर खास नजर रखी जा रही है, वहीं उत्तराखंड के चंपावत जिले में शारदा नदी के आसपास निगरानी और गश्त बढ़ा दी गई है।
नेपाल के रसुवा जिले में बुधवार को अचानक आई बाढ़ में 162 लोगों की मौत और भारतीयों सहित कई अन्य लोगों के लापता होने की खबरों ने चिंता बढ़ा दी है। नेपाल में भारी बारिश और बाढ़ के चलते नदियों में अचानक पानी बढ़ने की आशंका को देखते हुए यूपी सरकार ने संबंधित जिलों को पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए हैं।
नेपाल से आने वाले पानी का असर यूपी के सीमावर्ती इलाकों में पड़ सकता है। इसी को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महराजगंज और कुशीनगर प्रशासन को संभावित स्थिति से निपटने के लिए जरूरी तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए हैं। क्योंकि नेपाल में आई अचानक बाढ़ का पानी भोटे कोशी-त्रिशूली-नारायणी नदी प्रणाली से नीचे होते हुए गंडक से जुड़ता है।
गंडक नदी नेपाल से होकर यूपी के महराजगंज और कुशीनगर के पूर्वी हिस्से से गुजरती है और आगे बिहार में प्रवेश करती है। नेपाल में भारी बारिश के बाद नदी के प्रवाह में बदलाव की आशंका को देखते हुए प्रशासन लगातार जलस्तर पर नजर रख रहा है।
स्थानीय स्तर पर हो रही बारिश और नेपाल से आने वाले अतिरिक्त पानी को लेकर भी अधिकारियों को सतर्क किया गया है। निचले इलाकों और नदी किनारे बसे गांवों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
कुशीनगर में नारायणी नदी के जलस्तर को लेकर प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। अधिकारियों के मुताबिक, नेपाल में बारिश के कारण नदी का पानी बढ़ सकता है। इसके मद्देनजर खड्डा तहसील के दियारा इलाके को संवेदनशील मानते हुए प्रशासन ने निगरानी तेज कर दी है।
शिवपुर, हरिहरपुर, नारायणपुर, मरचहवा और बसंतपुर गांवों में प्रशासन की नजर बनी हुई है। नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया है।
ग्रामीण इलाकों में लाउडस्पीकर के जरिए लोगों को नदी से दूर रहने की चेतावनी दी जा रही है। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए कंट्रोल रूम को भी सक्रिय रखा गया है।
महराजगंज में पुलिस, प्रशासन और आपदा प्रबंधन से जुड़ी टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। राजस्व विभाग, पुलिस और SDRF को संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने जरूरत पड़ने की स्थिति में नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की तैयारी भी रखने को कहा है। अधिकारियों का फोकस इस बात पर है कि जलस्तर अचानक बढ़ने की स्थिति में राहत और बचाव अभियान शुरू करने में देरी न हो।
नेपाल में अचानक आई बाढ़ के बाद उत्तराखंड ने भी अपने सीमावर्ती इलाकों में एहतियात बढ़ा दी है। चंपावत जिले में शारदा नदी के आसपास SDRF को विशेष रूप से सतर्क रखा गया है।
नेपाल में भारी बारिश के बीच हिमालयी क्षेत्र में अचानक पानी और मलबा आने की घटनाओं को देखते हुए टनकपुर चौकी को हाई अलर्ट पर रखा गया है। SDRF की टीम शारदा नदी के संवेदनशील तटीय इलाकों, शारदा घाट और शारदा बैराज समेत आसपास के क्षेत्रों में लगातार निगरानी कर रही है।
SDRF की टीम नदी के जलस्तर में होने वाले बदलाव पर नजर रखने के साथ संवेदनशील इलाकों में गश्त कर रही है। स्थानीय प्रशासन के साथ भी लगातार संपर्क बनाए रखा जा रहा है, ताकि जलस्तर बढ़ने या किसी अन्य आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
स्थानीय लोगों, यात्रियों और मछुआरों को नदी के आसपास अनावश्यक रूप से नहीं जाने की सलाह दी गई है। लोगों को प्रशासन और SDRF की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
SDRF की टीमों को आवश्यक जीवनरक्षक और बचाव उपकरणों के साथ तैयार रखा गया है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी आकस्मिक स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके, इसके लिए टीमें पूरी तरह मुस्तैद हैं।
नेपाल में मौसम की स्थिति और नदियों के संभावित बढ़ते जलस्तर को देखते हुए उत्तर प्रदेश के 33 जिलों में अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन को नदी किनारे और निचले इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
फिलहाल दोनों राज्यों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रशासन की प्राथमिकता संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को समय रहते सूचना देना और जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना है।