कुशीनगर

कुशीनगर में SP से खुद की सुरक्षा मांग रहे IFS अधिकारी की खुली पोल…और भी खुले चौंकाने वाले राज

कुशीनगर में एक जालसाज ने खुद की पहचान उजागर करवा दिया जब वह SP से IFS अधिकारी बन बात करते हुए उनसे सुरक्षा की मांग की, जब SP ने इंटेलिजेंस से इसकी जांच कराई तब सारा फर्जीवाड़ा खुल गया।
2 min read
Mar 10, 2026
Up news, kushinagar
फोटो सोर्स: सोशल मीडिया, फर्जी IFS अधिकारी गिरफ्तार

SP कुशीनगर से IFS अधिकारी बन सुरक्षा मांगने वाले जालसाज को पुलिस ने दबोच लिया। पूछताछ में पता चला कि वह खुद को विदेश मंत्रालय में तैनात आईएफएस अधिकारी बताता था और सरकारी कार्यालय में पहुंच कर रुतबा बनाता था।

जब गंभीरता से जांच हुई तो उस पर नौकरी दिलाने तथा विदेश भेजने के नाम पर रुपये मांगने का भी आरोप है। उसके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर पुलिस कोर्ट ले गई, वहां से उसे जेल भेज दिया गया।

तथाकथित फर्जी IFS ने SP से मांगी सुरक्षा, जांच पर खुले पोल

जानकारी के मुताबिक हाटा कोतवाली के अवरवा के पवन चौहान ने बीते दो मार्च को SP कुशीनगर की अधिकारिक मेल ID पर मेल कर सुरक्षा की मांग की थी। मेल में उसने अपने को IFS अधिकारी बताते हुए लिखा कि वह विदेश मंत्रालय में तैनात है। पर्सनल ID से आए मेल का संज्ञान लेते हुए SP केशव कुमार ने हाटा कोतवाली थाना व स्थानीय LIU को मेल करने वाले के बारे में जानकारी कर रिपोर्ट देने को कहा।

खुद है बेरोजगार, नौकरी के नाम पर कइयों से किए है पैसे

पुलिस की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ, जांच में संबंधित व्यक्ति द्वारा दी गई सूचना गलत पाई गई। परिजनों के मुताबिक वह खुद कही काम नहीं करता है। उसके घनिष्ठ लोगों ने बताया कि वह लोगों से नौकरी के नाम पर भी धनउगाही करता है।

हाटा थाना पुलिस के साथ साथ उसे पकड़ने के लिए स्वाट टीम को भी लगाया, पुलिस जब घर पर दबिश दी तब कोई नहीं मिला। उसका मोबाइल भी बंद था। घर के लोग भी उसके बारे में जानकारी नहीं दे सके।

चेकिंग के दौरान गिरफ्तार, इन चीजों की हुई बरामदगी

सोमवार को कसया-पडरौना मार्ग पर सोहनरिया मोड़ के समीप उसके मौजूद होने की सूचना पर पुलिस ने उसे पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके बैग से फर्जी आईडी कार्ड, दो फर्जी आधार कार्ड, एक निर्वाचन कार्ड, पांच एटीएम कार्ड, तीन मुहर, एक इंकपैड, एक व्हाइटनर, डायरी, दो मोबाइल, दो प्रोटोकाल पेपर और ठगी से संबंधित कई महत्वपूर्ण सबूत बरामद हुए।

SP बोले…काफी शातिर है, जांच जारी

SP ने बताया कि फर्जी पहचान पत्र और दस्तावेजों का इस्तेमाल कर वह लोगों का विश्वास जीतता था। इंटरनेट मीडिया और फोन के माध्यम से लोगों से संपर्क करता था और खुद को प्रभावशाली अधिकारी बताकर उन्हें सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा देता था।

रवींद्रनगर धूस थाना क्षेत्र के कुछ युवकों को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर उसने रुपये की भी मांग की थी। इसकी छानबीन की जा रही है।

Updated on:
10 Mar 2026 10:33 am
Published on:
10 Mar 2026 10:33 am