लखीमपुर खेरी

CM Yogi: 4556 थारू परिवार और 331 विस्थापित हिंदू परिवारों को सीएम देंगे जमीन का मालिकाना हक

लखीमपुर खीरी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हजारों परिवारों को भूमि अधिकार दिए, थारू जनजाति और विस्थापित हिंदू परिवारों को मालिकाना हक देकर विकास और सम्मान का संदेश दिया।

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थारू जनजाति और विस्थापित परिवारों को मिला जमीन का मालिकाना हक, 314 परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

CM Yogi Grants Land Rights to Thousands in Lakhimpur Kheri: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखीमपुर खीरी में आयोजित भव्य कार्यक्रम में हजारों परिवारों को बड़ी सौगात दी। इस अवसर पर उन्होंने थारू जनजाति के 4556 परिवारों और बांग्लादेश से विस्थापित 331 हिंदू परिवारों को भूमिधारी अधिकार (पट्टों) का वितरण किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने 314 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास कर जिले के विकास को नई गति देने का संदेश दिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लखीमपुर खीरी अपनी उपजाऊ भूमि, मेहनतकश किसानों और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि इस जनपद का वास्तविक नाम “लक्ष्मीपुर” होना चाहिए, क्योंकि यह धन-धान्य से परिपूर्ण क्षेत्र रहा है। उन्होंने इस क्षेत्र की समृद्धि और संभावनाओं को रेखांकित करते हुए कहा कि यहां के लोगों का परिश्रम और पुरुषार्थ ही इस जिले की असली पहचान है।

मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पिछली सरकारें गरीबों को उनका हक दिलाने में पूरी तरह विफल रहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि उन सरकारों के कार्यकाल में हर जिले में माफिया और गुंडों का बोलबाला था। उन्होंने कहा, “पिछली सरकारों की माफियागिरी ने गरीबों को उनका अधिकार नहीं दिया, लेकिन हर जिले में एक माफिया और एक गुंडा जरूर पैदा किया गया। यही उनकी पहचान बन गई थी।”

सीएम योगी ने कहा कि उस समय अराजकता अपने चरम पर थी, त्योहारों और पर्वों के दौरान उपद्रव होना आम बात थी। नौजवानों के सामने पहचान का संकट था और समाज में भय का माहौल व्याप्त था। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने इस स्थिति को बदलते हुए कानून व्यवस्था को मजबूत किया है और विकास का माहौल तैयार किया है।

थारू जनजाति के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समाज लंबे समय से अपने अधिकारों से वंचित था। उनकी सरकार ने इन परिवारों को मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया है। भूमिधारी अधिकार मिलने से इन परिवारों को न केवल कानूनी स्वामित्व मिलेगा, बल्कि उनका आत्मसम्मान भी बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि “अधिकार के साथ आत्मसम्मान भी जरूरी है और हमारी सरकार यही सुनिश्चित कर रही है।”

बांग्लादेश से विस्थापित 331 हिंदू परिवारों को भूमिधारी अधिकार पत्र सौंपते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद से ये परिवार अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे थे। अब उन्हें स्थायी पहचान और सुरक्षा मिल रही है, जो उनके जीवन में स्थिरता और विश्वास लाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य “जन-जन का कल्याण” है और बिना किसी भेदभाव के सभी वर्गों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में विकास कार्यों में तेजी आई है और हर क्षेत्र में सुधार देखने को मिल रहा है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 314 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया। इन परियोजनाओं में सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के माध्यम से जिले में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा और लोगों के जीवन स्तर में सुधार आएगा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। लोगों में इस बात को लेकर उत्साह देखा गया कि लंबे समय से लंबित मांगें अब पूरी हो रही हैं।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि उनकी सरकार गरीबों, किसानों, युवाओं और वंचित वर्गों के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में भी विकास की गति इसी तरह जारी रहेगी।

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