
लखीमपुर खीरी. पिछले कुछ महीने पहले कर्नाटक के बांदीपुर नेशनल पार्क से दुधवा लाए गए 10 हाथियों की ट्रेनिंग अभी भी जारी है। साथ ही उनकी सेहत को लेकर भी पार्क प्रशासन गंभीर दिखाई दे रहा है। इस बार जब दुधवा नेशनल पार्क खुलेगा तो कर्नाटक से आये दसो हाथी दुधवा घूमने आने वाले सैलानियों के लिये आकर्षण का केंद्र बनेंगे।
जारी किए दिशा-निर्देश
वहीं कर्नाटक के हाथियों के रखरखाव, भोजन, आवास, चिकित्सा आदि के संबंध में दुधवा टाइगर रिजर्व के एफडी रमेश कुमार पांडे ने अधिकारियों को विशेष दिशा निर्देश जारी किए हैं और साथ ही यह भी कहा है कि दुधवा नेशनल पार्क के उप निदेशक माह में एक से कम चार दिन एलीफेंट कैंप जाकर हाथियों की भोजन, पानी आवास, भ्रमण और चिकित्सा आदि व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे। इतना ही नही वार्डन को भी एलीफैंट कैंप जा कर व्यवस्थाओं को परखना होगा। इस तरह वार्डन सप्ताह में एक दिन हाथियों की देखरेख जरूर करेंगे। संबंधित रेंजर को हर रोज में एलीफैंट कैम्प में जाकर व्यवस्था को दुरुस्त करने करना होगा। यदि वह किसी अन्य कार्य में व्यस्त है। तो उनकी जगह डिप्टी रेंजर या फोरेस्टर हाथियों की निगहबानी करेंगे।
खानपान को लेकर भी दिए निर्देश
इसी के साथ हाथियों के खानपान के संबंध में भी निर्देश दिए हैं कि हरे चारे के साथ अन्य पौष्टिक भोजन भी दिया जाए। हाथियों को हर रोज सुबह नाश्ते में आधा किलो अंकुरित चना खिलाने का फरमान जारी किया है। इसके अलावा उनका पसंदीदा भोजन चावल भी हर रोज उनको दिया जायेगा। हाथियों की सेहत पर नजर रखने के लिए समय-समय पर पशु चिकित्सको की टीम जांच करेंगी। वही दुधवा नेशनल पार्क के उप निदेशक महावीर कौजलगी, डब्ल्यूटीआई की रितिका ने एलीफेंट कैम्प पहुंच कर हाथियों के खान-पान और उनके सेहत की जांच की। वहीं वन क्षेत्राधिकारी मैलानी रेंज किशनपुर सेंचुरी नसीम अहमद ने बताया कि कर्नाटक से आए हाथियों की सेहत और देखभाल के संबंध में एफडी ने निर्देश जारी किए हैं। निर्देशों के अनुसार हाथियों की निगरानी और उनके खाने पान की व्यवस्था सुचारु रूप से चल रही है।