
लखीमपुर खीरी. जिले में बढ़ रही आबादी को नियंत्रण करने के लिए सरकार परिवार नियोजन के तहत कई योजनाएं चला रही है। स्वास्थ्य विभाग भी इस अभियान को सफल बनाने के लिए कई प्रकार के प्रयास कर रहा है। विभिन्न स्थानों पर चलाए जाने वाले शिविरों केवल इसी उद्देश्य को पूरा करने का प्रयास में जुटे हैं कि लोगों की बढ़ रही जनसंख्या को काबू किया जा सके। ताकि देश में पढ़ने वाली बेरोजगारी और आर्थिक तंगी से भी बचा जा सके। इस अभियान को पूरा करने के लिए विभाग को अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। पिछले तीन वर्षों में 18816 महिलाएं परिवार नियोजन अपना चुकी हैं।
कई चुनौतियों का करना पड़ रहा सामना
भले ही स्वास्थ विभाग की टीम लगन के साथ परिवार नियोजन को सफल बनाने का प्रयास कर रही हो। इतना ही नही अल्पसंख्यक परिवार में नसबंदी के लिए महिलाओं को मनाना किसी चुनौती से कम नहीं है। आशा बहुओं को उन्हें मनाने के तमाम के लिये चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीण क्षेत्र में नहीं मिल पा रहा सहयोग
विभाग की तरफ से ग्रामीण क्षेत्रों में परिवार नियोजन के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए टीम जाती है। और परिवार नियोजन सम्बसन्धित पूरी जानकारी देती है। लेकिन जागरूकता के अभाव में कई बार गांव के प्रधान और बीडीसी तक इन में रुचि नहीं लेते हैं।
हिचक के चलते महिलाएं हट रही पीछे
परिवार नियोजन को लेकर महिलाएं पुरुषों से कई कदम आगे हैं। लेकिन इसके बावजूद अधिकतर महिलाएं इस काम के लिए हिचक दिखती हैं। आशा नेहा परवीन बताती हैं कि ऑपरेशन की बात पर महिलाएं अपने पति या सास से इजाजत लेने की बात करती हैं। खास तौर पर अल्पसंख्यक समाज के परिवारों को इसके लिए राजी करना बहुत मुश्किल काम है। घर के बुजुर्ग को बिना कहे हुए कोई फैसला नहीं ले सकते।
कई भ्रांतियां भी बन रही कारण
नसबंदी के ऑपरेशन में किसी प्रकार का कोई दर्द नहीं होता और भविष्य में शारीरिक संबंध में भी इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। इसके अलावा नसबंदी बहुत आसान और पीड़ित रहित होती है। लेकिन ऑपरेशन को लेकर कई प्रकार की भ्रांतियां के चलते हुए इस योजना से दूर भागने का प्रयास करते हैं।
लोगों में जागरुकता की कमी
वहीं मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ मनोज अग्रवाल ने बताया कि परिवार नियोजन के लिए चलाए गए सरकारी अभियान को लेकर स्वास्थ्य विभाग उम्मीदों के सहारे आगे की तरफ बढ़ रहा है। लोगों में जागरूकता की कमी को दूर करने के निरंतर प्रयास किया रहा है। धीरे-धीरे लोगों को परिवार नियोजन के महत्व का ज्ञान होगा और इस में बढ़-चढ़कर भाग लेंगे।