देश में जहां प्रदूषण का बढ़ता स्तर चिंता का विषय बना हुआ है तो सरकारी अफसरों की उदासीनता के कारण प्रदूषण को बढ़ावा मिल रहा है।
ललितपुर. सड़क लोगों को आवागमन की सुविधा प्रदान करने के लिए बनाई जाती है लेकिन यह कई बार बीमारियों के प्रसार का भी कारण बन जाती है। देश में जहां प्रदूषण का बढ़ता स्तर चिंता का विषय बना हुआ है तो सरकारी अफसरों की उदासीनता के कारण प्रदूषण को बढ़ावा मिल रहा है। जनपद लालितपुर से देवगढ़ के लिए बने सम्पर्क मार्ग की मरम्मत का काम चल रहा है लेकिन निर्माण कार्य के दौरान लापरवाही के कारण इलाके में बीमारी बांटी जा रही है।
एनजीटी के नियमो का उल्लंघन कर इस क्षेत्र में चार पहिया वाहनों को संचालित किया जा रहा है। सड़कों पर उडती हुई धूल का आलम यह है कि यदि 5 मिनट के लिए भी कोई व्यक्ति इस सड़क पर खड़ा हो जाये तो वह धूल से सराबोर हो जाता है। यहां सड़क किनारे रहने वाले लोगों को दिन भर इस धूल के गुबार का सामना करना पड़ता है। इस रास्ते से गुजरने वाले और यहां सड़क किनारे रहने वाले लोगों की आंखों में धूल भर जाना और फेफड़ों में धूल पहुंच जाना आम बात हो चुकी है।
पेड़ों की पत्तियों पर एवं घरों के ऊपर जमी धूल यह बताने के लिए काफी है कि सड़क निर्माण के दौरान किस तरह प्रदूषण फैलाया जा रहा है। इस मामले पर डीएम मानवेन्द्र सिंह कहते हैं कि इस मामले में रिपोर्ट तलब कर कार्रवाई करेंगे। जिले के जिम्मेदार अफसर कार्रवाई का दावा करते हैं लेकिन लोगों को फिलहाल इस जहर भरी हवा से राहत मिलती दिखाई नहीं दे रही। पर्यावरण को लेकर एनजीटी और कोर्ट के आदेशों के बावजूद ललितपुर में जिला प्रशासन उदासीन दिखाई दे रहा है।
स्थानीय निवासी सन्तोष ने बताया कि सड़क निर्माण का काम पिछले तीन महीनों से चल रहा है। सड़क निर्माण के कारण धूल और मिट्टी के गुबार रहे हैं। कैलाश कहते हैं कि यह धूल हमें शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से नुकसान पहुंचा रही है। सड़क से गुजर रहे शैलेश जैन कहते हैं कि इस धूल से यहां रहने वाले लोगों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।