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पंचायत का तुगलकी फरमान – महिला का करवाया मुंडन, नंगे पैर जंगल में रहने का सुना दिया फैसला

डीएम मानवेन्द्र सिंह ने कहा है कि मामले की एलआईयू और एसडीएम महरौनी से जांच कराई गई है।

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ललितपुर. उत्तर प्रदेश के ललितपुर जनपद में एक महिला को सामाजिक पंचायत में शर्मशार करने वाली सजा सुनाई गई। पंचायत ने महिला का का मुंडन करवाने और और जंगल में नंगे पैर रहने की सजा सुनाई है। महिला को यह सजा उसी के अपने बेटे के कत्ल के आरोप में सुनाई गई है जबकि जिन लोगों पर हत्या का आरोप लगा था उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। मामला ललितपुर जिला मुख्यालय से 60 किमी दूर स्थित तहसील महरौनी के भदौरा गांव का है।गांव के प्रधान नाथूलाल कुशवाहा और अन्य लोगों ने विन्दावन कुशवाहा की पत्नी गेंदाबाई का मुण्डन भरे समाज में करवाया गया। इतना ही नहीं समाज से बहिष्कार कर भूखा-प्यासा रखकर नंगे पैरों पर चलने को मजबूर किया। इस महिला को गांव से दो किमी दूर जंगल में रहने को मजबूर किया।

युवक की पेड़ से लटकी मिली थी लाश

तहसील महरौनी के भदौरा गांव में कुशवाहा समाज में विन्दावन का परिवार रहता है। यह परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है। इस परिवार की गांव के ही दूसरे पक्ष से पुरानी रंजिश चल रही थी। जुलाई महीने में दोनों पक्षों के बीच झगड़ा हुआ था।झगडे के बाद विन्दावन के बीस बर्षीय बेटे लक्ष्मन का शव खेत पर पेड़ से लटका मिला था जिसकी सूचना थाने में दी गयी थी। तत्कालीन थानाध्यक्ष ने मौके पर पहुंचकर शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

मृतक के परिजनों के खिलाफ रची गई थी साजिश

इसी बीच मृतक के परिवार के लोगों ने विपक्षियों के खिलाफ हत्या का आरोप लगाते हुए सौजना थाने से कार्रवाई की मांग की थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी चोटों के निशान पाये गये थे जिसमें प्रथम दृष्टया मामला हत्या का प्रतीत हुआ था। इन सबके बीच यह अफवाह पूरे गांव में फैला दी गयी कि उस लड़के की हत्या उसके मां-बाप ने की है। इसके बाद गाँव में पंचायत आयोजित कर इस परिवार को गांव के बाहर नंगे पैर जंगल में रहने का फरमान सुना दिया। गांव के सार्वजनिक कुओं,नलों व हैंडपंपों पर जाने की रोक लगा दी। साथ ही रिश्तेदारों के यहां एवं बाजार न जाने के फरमान के साथ-साथ यह भी फरमान सुनाया कि गांव का जो व्यक्ति इस परिवार के खेतों को जोतेगा और बोयेगा उसे इलाहाबाद में गंगा स्नान करने जाना पड़ेगा। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पंचों सहित गांव के प्रधान ने परिवार की जमीन बिकवाकर एक लाख रूपये हड़पे और कई बार पंगत करवाई। दण्ड के तौर पर परिवार की महिला का सरेआम मुण्डन करवाया। इलाहाबाद स्नान के लिए भेजा गया। इतना ही नहीं, कुछ दिनों पूर्व एक बार फिर से परिवार की महिला का मुंडन कराया गया।

डीएम ने जांच और कार्रवाई के दिए आदेश

आरोप है कि तत्कालीन थानेदार ने मृतक के माता-पिता को ही मुल्जिम बना दिया। मृतक युवक के परिजनों ने पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाये हैं। इस पूरे मामले में ग्राम प्रधान नाथूराम कुशवाहा का कहना है कि मृतक की मां व दूसरे पक्ष के एक व्यक्ति के बीच अवैध सम्बन्ध थे। इन दोनों ने मिलकर हत्या की है। पूरा मामला सामने आने के बाद डीएम मानवेन्द्र सिंह ने कहा है कि मामले की एलआईयू और एसडीएम महरौनी से जांच कराई गई है। पूरे मामले में पुलिस की भूमिका संदिग्ध है। इस मामले में लापरवाह पुलिसकर्मियों और अफसरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा जा रहा है।