जहां एक ओर पूरी दुनिया वेलेंटाइन डे मना रही है तो वहीं दूसरी ओर इसके विरोध में बजरंग दल विश्व हिंदू परिषद के साथ कई हिंदूवादी संगठनों ने इसका पुरजोर विरोध करने के लिए सड़कों पर उतरे।
ललितपुर. जहां एक ओर पूरी दुनिया वेलेंटाइन डे मना रही है तो वहीं दूसरी ओर इसके विरोध में बजरंग दल विश्व हिंदू परिषद के साथ कई हिंदूवादी संगठनों ने इसका पुरजोर विरोध करने के लिए सड़कों पर उतरे। बजरंगदल की जिला कार्यकारणी ने सड़कों पर यातायात के नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाकर बेलेन्टाइन डे के विरोध में सड़कों पर बाईक रैली निकाली, जिसका प्रमुख उद्देश्य प्रेमी प्रेमिकाओं के मन में खौफ पैदा करना था। पदाधिकारी और सदस्य सडकों पर उतरे और उन्होंने हाथो में लाठी लेकर वाहन रेली निकाल कर जमकर नारेबाजी की।
बजरंग दल ने वाहन रैली के दौरान बिना हेलमेट के बाइक चलाना तथा बाइक पर तीन लोगों को बैठाकर चलकर खुलेआम यातायात के नियमों की धज्जियां उड़ाई और प्रशासन मूक दर्शक बना देखता रहा। इतना ही नहीं बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने कंपनी बाग से एक प्रेमी जोड़े को पकड़कर भी कोतवाली पुलिस के हवाले किया हालांकि आपसी सहमति से मामले को रफा-दफा कर दिया गया, क्योंकि बालिग प्रेमी जोड़े का किसी भी सार्वजनिक स्थान या स्थानीय बाग में बैठना कोई कानूनी अपराध नहीं।
बजरंग दल ने अपने संस्कार और सभ्यता की दुहाई देकर वैलेंटाइन डे का पुरजोर विरोध किया। मगर संस्कार सभ्यता और नियमों की दुहाई देकर प्रेम पर पहरा विठाने बाले बजरंग दल के कार्यकर्ता यातायात के नियमों की धज्जियां उड़ा कर यह भूल गए कि उसके द्वारा किया गया कृत्य भी किसी नियम के अंतर्गत आता है।
इस मामले में बजरंग दल के सदय शुभम कौशिक ने बताया के आज के दिन पुलवामा अटैक हुआ था और हमारे 44 सैनिक शहीद हुए थे उनको नमन करे बेलेन्टाइन डे मनाना हमारी संस्कृति नहीं है। मगर वह यह भूल गए कि प्रेम की गाथा तो कृष्ण और राधा के जमाने से चली आ रही है। इतिहास गवाह है कि राजा महाराजाओं ने भी प्रेम पर पहरा नहीं बैठा पाया जिसमें सलीम अनारकली और लैला मजनू के किस्से चर्चित हैं। तो फिर बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद कैसे प्रेम पर कैसे पहरा बैठाएगा।