विकास खण्ड विरधा के अंतर्गत ग्राम पंचायत सिंगापुर में सरकार की मंशा के अनुरूप पात्र लाभार्थियों के लिए गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य मनरेगा योजना के तहत कई विकास कार्यों को कराने के लिए पैसा भेजा गया था।
ललितपुर. विकास खण्ड विरधा के अंतर्गत ग्राम पंचायत सिंगापुर में सरकार की मंशा के अनुरूप पात्र लाभार्थियों के लिए गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य मनरेगा योजना के तहत कई विकास कार्यों को कराने के लिए पैसा भेजा गया था। लेकिन इस मनरेगा योजना में कराए गए कार्यों में ग्राम पंचायत सचिव रविन्द्र कुमार सहित तीन कर्मचारियों ने जमकर भ्रष्टाचार किया। आरोप है कि फर्जी तरीके से बिलों का भुगतान किया गया व धोखाधड़ी करके मनरेगा में निविदा प्रक्रिया को दोषपूर्ण बनाया गया एवं शासन की मंशा के अनुरूप शासकीय कार्य न करके लापरवाही बरती गई। इस बात की जानकारी जब खंड विकास अधिकारी ब्लाक बिरधा आलोक कुमार को हुई तब उन्होंने पूरे मामले की जांच कराई। जांच में जब तीन लोगों का भ्रष्टाचार स्पष्ट रूप से उजागर हुआ तब उन्होंने कोतवाली महरौनी पुलिस को उक्त मामले में एक तहरीर भी दी। कोतवाली महरौनी पुलिस ने खंड विकास अधिकारी द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर मामले को संज्ञान में लेकर तीनों अभियुक्तों के खिलाफ 420 तथा 25 महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण योजना के तहत मामला पंजीकृत कर कार्रवाई की है।