उत्तर प्रदेश के ललितपुर में दलित उत्पीड़न की शर्मनाक घटना सामने आई है। यहां 65 वर्षीय एक बुजुर्ग को बेरहमी से पीटा गया। इतना ही नहीं बल्कि उसे जातिसूचक शब्द कहकर अपमानित किया गया और यूरीन पीने पर मजबूर किया गया।
ललितपुर. उत्तर प्रदेश के ललितपुर में दलित उत्पीड़न की शर्मनाक घटना सामने आई है। यहां 65 वर्षीय एक बुजुर्ग को बेरहमी से पीटा गया। इतना ही नहीं बल्कि उसे जातिसूचक शब्द कहकर अपमानित किया गया और यूरीन पीने पर मजबूर किया गया। यह मामला रौंड़ा गांव का है। पीड़ित बुजुर्ग अमर के अनुसार, आरोपी उस पर उनके खिलाफ दर्ज केस को वापस लेने का दबाव बना रहे थे। बात न मानने पर उन्होंने उसे जातिसूचक शब्द कहकर अपमानित किया। पीड़ित बुजुर्ग ने आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी है। तहरीर के आधार पर पुलिस ने एससी एसटी ऐक्ट, जातिसूचक शब्द कहने, मारपीट करने, जान से मारने की धमकी जैसी गंभीर धाराओं में सोनू के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
पीड़ित बुजुर्ग अमर ने बताया कि 11 अक्टूबर की शाम वह एक दुकान पर बीड़ी खरीदने गया था। उसी दौरान वहां गांव के सोनू यादव, नरेंद्र उर्फ छोटू आ गए। अमर का आरोप है कि सोनू और नरेंद्र उन्हें अपशब्द कहने लगे। उन्हें जातिसूचक शब्द कहे। आरोपियों ने उन्हें डंडों से जमकर पीटा। उन्हें यूरीन पीने के लिए मजबूर किया गया। बात न मानने पर उनकी बेरहमी से पिटाई की। यह सब देख लोगों की भीड़ जमा हो गई। गांव वालों ने किसी तरह आरोपियों से उनकी जान बचाई।
केस वापस लेने का बना रहे थे दबाव
अमर ने बताया कि कुछ दिनों पहले सोनू ने उनके बेटे पर कुल्हाड़ी से हमला किया था। उस मामले की शिकायत उन्होंने थाने में की थी। सोनू के खिलाफ केस दर्ज हो गया था। वह तब से उनके ऊपर केस वापस लेकर समझौता करने का दबाव बना रहा था। केस वापस न लेने पर उसने हमला किया।