अवैध अतिक्रमण सरकारी हर्जे-खर्चे से हटा दिया जाएगा हर्जाना अतिक्रमणी से वसूल किया जाएगा दो अवैध अतिक्रमण कारियों पर चला जिला प्रशासन का डंडा
ललितपुर. विनियमित क्षेत्र के अन्तर्गत विभिन्न श्रोतों के माध्यम से यह शिकायतें प्राप्त हो रही थीं कि नगर के आसपास के पूर्व से चिन्ह्ति हरित पट्टी क्षेत्र एवं अधिकांश मुहल्लों में बगैर मानचित्र स्वीकृत कराए निर्माण कार्य किया जा रहा है। इस संबंध में पूरे शहरी क्षेत्र में 25 बोर्ड इस आशय के लगवाए गए कि अमुक क्षेत्र हरित पट्टी क्षेत्रान्तर्गत है। जहां पर किसी प्रकार का निर्माण किया जाना प्रतिबन्धित है।
अतिक्रमणी से वसूला जाएगा हर्जाना
उक्त बोर्ड के लगवाए जाने के पश्चात तथा समुचित प्रचार प्रसार कराए जाने के बाद भी कतिपय व्यक्तियों द्वारा निर्माण कार्य किए गए हैं जोकि अनुचित है। अतः अतिक्रमण हटाये जाने हेतु उप जिलाधिकारी सदर के स्तर पर तीन बार बैठकें आहूत की गई जिसमें यह तय किया गया है कि समुचित सूचना दिये जाने के उपरांत भी जो व्यक्ति अवैध अतिक्रमण नहीं हटाएंगे उनका अतिक्रमण सरकारी हर्जे-खर्चे से हटा दिया जाएगा तथा उसका हर्जाना अतिक्रमणी से वसूल किया जाएगा। अतिक्रमण दो प्रकार की श्रेणी में चिन्ह्ति किए गए जिनमें प्रथम जो शुल्क जमा कराकर शमन किए जाने योग्य दूसरे अशमनीय अतिक्रमण। नोटिस भेजकर अतिक्रमणियों को सुचित किया गया।
शमन योग्य शुल्क जमा करके मानचित्र स्वीकृत करा लें
18 जुलाई 2019 को विनियमित क्षेत्र कार्यालय ललितपुर में एक वर्कशाप का आयोजन किया जाएगा जिसमें विभिन्न चरणों में वर्ष 2015 के पूर्व अतिक्रमण/वस्त किये जाने हेतु आदेश पारित किया जाएगा। जिसका अनुपालन अभी तक नहीं हुआ है, उन्हें एक अवसर प्रदान कर एक सप्ताह के भीतर अपना शमन योग्य शुल्क जमा करके मानचित्र स्वीकृत करा लें अन्यथा उनके मकान को द्वितीय चरण में दिनांक 25 जुलाई से 02 अगस्त 2019 के मध्य सरकारी हर्जे खर्चे से ध्वस्त करा दिया जायेगा जिसका सम्पूर्ण हर्जाना अतिक्रमणीय से वसूल किया जाएगा।
अपना-अपना अतिक्रमण स्वयं हटा लें
नोटिस दिये जाने के उपरांत भी राम प्रकाश साहू पुत्र गेंदा लाल एवं जगदीश साहू पुत्र पटोले साहू निवासी पनारी द्वारा अपना अतिक्रमण नहीं हटाया गया। अतः पूर्व से नियत सोमवार को उक्त दोनों अतिक्रमणियों का अतिकमण ध्वस्त करा दिया गया है। अतएव सर्व साधारण को पुनः सूचित किया जाता है कि अवैध अतिक्रमणी पहले से दी गई नोटिस के आधार पर अपना अपना अतिक्रमण स्वयं हटा लें अन्यथा नोटिस में दिये गये अतिक्रमण को सरकारी हर्जे खर्चे से ध्वस्त करा दिया जायेगा तथा उत्तरदायी व्यक्तियों के विरूद्व विधि सम्मत कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाने के समय आने वाले हर्जे- खर्चे की वसूली अवैध अतिक्रमणी से की जाएगी।