
ललितपुर. कोरोना वायरस (Corona Virus) से फैली संक्रमक बीमारी के कारण जनपद वासियों की जान खतरे में पड़ गई है। महामारी से संक्रमित लोग लगातार ललितपुर से झांसी रेफर किए जा रहे हैं जहां उन्हें समुचित इलाज मुहैया कराने का प्रयास किया जा रहा है और इलाज मुहैया हो भी रहा है। लेकिन गंभीर मरीजों को बचाने के लिए प्लाज्मा दान देने वालों की आवश्यकता पड़ रही है और इस आवश्यकता को पूरा करवाने के लिए अन्नपूर्णा सेवा संघ लोगों की सेवा में सदा तत्पर है और लगातार मरीज और उनके परिजनों की मदद कर प्लाज्मा दानदाताओं को ढूंढ कर उनसे प्लाज्मा डोनेट भी करवा रहा है ताकि गंभीर पीड़ित मरीजों की जान बचाई जा सके। अन्नपूर्णा सेवा संघ के अथक प्रयास के बाद पांच लोगों ने अपना प्लाज्मा दान कर साथ गंभीर मरीजों की जान बचाने में अपना सहयोग प्रदान किया जिसमें एक किशोरी भी शामिल है।
मिली जानकारी के अनुसार झांसी में लाइफ लाइन हॉस्पिटल में भर्ती जनपद की नई तहसील के पास रहने वाले 62 वर्षीय रिटायर्ड रेलवे ड्राइवर मोहम्मद इब्राहिम को प्लाज्मा की आवश्यकता पड़ी जिस पर उनके पुत्र मो यूनिस ने अन्नपूर्णा सेवा संघ से संपर्क स्थापित किया । जिस पर पिछले हफ्ते विजय जैन द्वारा प्लाज्मा डोनेट किया गया था जिससे प्रेरित होकर उन्हीं की पुत्री कु राशि जैन ने मोहब्बद इब्राहिम को अपना दो यूनिट प्लाज्मा डोनेट कर सराहनीय काम किया है जिसके बाद पिता और पुत्री दोनों के समाज सेवा के इस कार्य ने पूरे समाज में अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है।
दो सगे भाइयों ने की मदद
समकित जैन और संचित जैन दो सगे भाइयों ने 3 लोगों को अपना प्लाज्मा डोनेट कर उनको कोरोना से लड़ने के लिए एंटीबॉडीज प्रदान की। जनपद के व्यापारी मृगनयनी परिवार से प्रदीप जैन की पत्नी 40 वर्षीय रचना जैन बचपन हॉस्पिटल में भर्ती है जिनको प्लाज्मा थेरेपी के लिए डॉक्टर ने कहा। कंप्यूटर का काम करने वाले अवधेश अग्रवाल के चाचा शिवकुमार अग्रवाल जो लाइफ लाइन में भर्ती है को डॉक्टर ने प्लाज्मा की आवश्यकता बताई।
मानवता का उदाहरण किया प्रस्तुत
इसके साथ में लक्षचंद्र सिंह परमार को जो लाइफ लाइन में भर्ती है उनको भी प्लाज्मा की आवश्यकता बताने पर तीनों परिवारों ने अन्नपूर्णा सेवा संघ से संपर्क किया। जिस पर अन्नपूर्णा सेवा संघ ने हाल ही में महावीर जयंती पर जो एंटीबॉडी चेक करने का शिविर लगाया था शिविर में आई रिपोर्ट के आधार पर समकित जैन और संचित जैन से संपर्क किया और वह अविलंब तैयार होकर ललितपुर से झांसी पहुंचे और देर रात तक उन्होंने प्लाज्मा डोनेट किया और मानवता का उदाहरण प्रस्तुत किया ।