भारत सरकार द्वारा विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस की थीम “विश्व के बदलते परिदृश में वयस्क और मानसिक स्वास्थ्य” रखी गयी है
ललितपुर. विश्व में मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से हर साल 10 अक्टूबर को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष भारत सरकार द्वारा विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस की थीम “विश्व के बदलते परिदृश में वयस्क और मानसिक स्वास्थ्य” रखी गयी है। इस दिवस के अवसर पर जन जागरूकता के लिए स्वास्थ्य शिविर, रैली, संगोष्ठी, नगरिय स्वास्थ्य शिविर कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसके तहत जनपद में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता सप्ताह मनाया जायेगा। यह 14 अक्टूबर तक मनाया जाएगा।
1982 में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम की शुरूआत
वर्ल्ड फेडरेशन फॉर मेंटल हेल्थ ने विश्व के लोगों के मानसिक स्वास्थ्य देखभाल को वास्तविक रूप देने के लिए 1992 में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस की स्थापना की थी। हालांकि, भारत ने मानसिक रोगियों की देखभाल को सुनिशिचित करने के लिए 10 साल पहले ही पहल शुरू कर दी थी। मानसिक स्वास्थ्य देखभाल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए साल 1982 में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम (एनएमएचपी) की शुरूआत हुई थी। इसका उद्देश्य सभी को मानसिक स्वास्थ्य देखभाल उपलब्ध कराना, मानसिक स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देना और मानसिक स्वास्थ्य सेवा के विकास में समुदाय की भागीदारी को बढ़ावा देना है।
दिए गए ये निर्देश
10 अक्टूबर, 2014 को राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य नीति की घोषणा की गयी थी। भारत में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए मानसिक स्वास्थ्य देखरेख अधिनियम 2017 लाया गया। उक्त अभिनियम के आधार पर मानसिक रोगियों को मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कराये जाने के लिए कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए। गंभीर मानसिक स्वास्थ्य देख-रेख सेवाओं जैसे बाहरी रोगी (ओपीडी) और आंतरिक रोगी (आईपीडी) की व्यवस्था करना, जिससे रोगी की स्वास्थ्य देख-रेख के सभी स्तरों जैसे प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं जिला अस्पतालों पर मानसिक स्वास्थ्य सेवाए उपलब्ध कराई जा सकें।