एक मुस्लिम परिवार अपने पिता के शव को लेकर घंटाघर चौराहे पर जाम लगा कर बैठ गया।
ललितपुर. शहर की हृदयस्थली घंटाघर चौराहे पर उस समय उतल पुथल की स्थिति पैदा हो गई जब एक मुस्लिम परिवार अपने पिता के शव को लेकर घंटाघर चौराहे पर जाम लगा कर बैठ गया। सूचना पर शहर कोतवाल एके सिंह सहित क्षेत्राधिकारी हिमांशु गौरव सदर एसडीएम महेश चंद्र दीक्षित एवं अपर पुलिस अधीक्षक अवधेश कुमार विजेता ने मौके पर आकर स्थिति संभाली तथा आपसी बातचीत से स्थिति को समझाने की कोशिश की।
मामला सदर कोतवाली क्षेत्र के सुरई घाट कांशीराम कॉलोनी का है जहां एक मुस्लिम परिवार चंदू और उनकी बेटी नगमा रहती है। विगत रात्रि चंदू की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई जिसका परिजनों ने पोस्टमार्टम भी कराया। मृतक की बेटी नगमा ने बताया कि 29 मई 2018 को रात्रि लगभग 10:00 बजे जब वह अपने पिता चंदू के साथ घर में अकेली थी तब उसका दरवाजा किसी ने खटखटाया और जब उसने दरवाजा खोला तो दरवाजे पर अनुराग कपिल अनु अमित सौरव संतोष राघव कल्लू जाति नामदेव निवासीगण श्रद्धानंद पूरा गाली गलोच करने लगे जिस पर उसने उन्हें गाली देने से मना किया। जिस पर वह नगमा का अपहरण करने की कोशिश करने लगे जब उसके पिता ने विरोध किया तो उन्होंने पिता के साथ मारपीट की जिससे वह घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। जब मैं चीखी चिल्लाई तो आसपास के लोग एकत्रित होने लगे जिस पर वह गाली-गलौज करते हुए वहां से नौ दो ग्यारह हो गए । उसने डायल हंड्रेड को फोन भी किया मोहल्ले के कुछ व्यक्ति उसके पिता को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। उसने संबंध में कोतवाली पुलिस को एक तहरीर भी दी मगर अभी तक आरोपियों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं हुई। जिससे क्षुब्ध धोकर उसने अपने पिता का शव घंटा घर पर रखकर जाम लगाया और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। हालांकि पुलिस ने समझा-बुझाकर शव को उसके घर पहुंचाया एवं अंतिम संस्कार की व्यवस्था की। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करने का आश्वासन भी दिया।
मृतक की पत्नी हत्या के मामले में है जेल में
आपको बताते चलें कि कुछ महीनों पहले शहर में एक नामदेव मर्डर कांड हुआ था जिसमें मृतक की पत्नी सहित उनका पुत्र भी नामजद था जिस पर पुलिस ने उनको गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था हो सकता है उसी केस में सिंपैथी के लिए यह प्रोपेगेंडा रचा जा रहा हो ।