
ललितपुर. सर्दियों के मौसम में बाज़ारों में दिखाई पड़ने वाला सीताफल खाने में तो स्वादिष्ट होता ही है, यह कई बीमारियों को कंट्रोल करने में भी काफी मददगार माना जाता है। शरीफा के नाम से प्रसिद्द यह फल सर्दी के मौसम में बाजारों में बिकता दिखाई देता है। उत्तर प्रदेश के ललितपुर जनपद के कई इलाकों में इसकी पैदावार बड़े पैमाने पर होती है।
कई पोषक तत्व शरीफे में होते हैं मौजूद
कस्टर्ड एप्पल यानि शरीफा अनगिनत बीमारियों के लिए फायदेमंद माना जाता है। यह फल जब पक जाता है तो बाहर से सख्त और अंदर से नरम व मीठा होता है । इसके भीतर सफ़ेद रंग का मलाईदार क्रीम होता है जबकि इसके बीज काले रंग के होते है । बाज़ार में शरीफे के फ्लेवर के शेक और आइसक्रीम भी मिलते है । इसमें विटामिन के साथ ही मैग्नेशियम, पोटैशियम और फोस्फरस के भी अंश मिलते है । इसमें आयरन अधिक मात्रा में होता है।
हृदय की बीमारियों के लिए होता है फायदेमंद
पोटैशियम और मैग्नेशियम ह्रदय के लिए फायदेमंद माना जाता है जबकि मैग्नेशियम शरीर में पानी की कमी नहीं होने देता। शरीफे के फाइबर की प्रचूर मात्रा से ब्लड प्रेशर सामान्य रहता है और इससे कोलेस्ट्रॉल भी कम होता है । इसमें मौजूद विटामिन और आयरन खून की कमी को दूर करके हीमोग्लोबिन बढ़ाता है।
कब्ज की बीमारी में भी करता है मदद
कब्ज की समस्या हो तो शरीफा काफी फायदेमंद होता है।यह पाचनतंत्र को मजबूत करने में भी मदद करता है। गर्भवती महिलाओं के लिए शरीफा खाना काफी लाभदायक होता है। इससे कमजोरी दूर होती है और उल्टी व जी घबराने की समस्या ठीक होती है। शिशु के जन्म के बाद शरीफा खाने से दूध में वृद्धि होती है । वजन बढ़ाने में इस फल का उपयोग किया जा सकता है।
पहाड़ी और पठारी क्षेत्रों में होती है खूब पैदावार
शरीफा पहाड़ी और पठारी क्षेत्रों में काफी पैदा होता है। बुंदेलखंड के ललितपुर जनपद के कई हिस्सों में पर्याप्त मात्रा में इसकी पैदावार होती है। ललितपुर के साथ ही सीमावर्ती मध्य प्रदेश के चंदेरी, अशोकनगर, सागर, दमोह, पन्ना आदि जिलों में शरीफे की काफी पैदावार होती है।