
ललितपुर. जिला अध्यक्ष तिलक यादव का जोर अपने ही उन सिपाहियों (जीते हुए सदस्यों) पर नहीं चला जिसके बलबूते पर समाजवादी पार्टी जिला पंचायत अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल होने की बात कर रही थी। आरोप है कि जिला पंचायत अध्यक्ष पद के प्रत्याशी की घोषणा होने के बाद भी जिलाध्यक्ष सहित कई पदाधिकारी चुनाव में दिलचस्पी नहीं ले रहे थे। इसी का नतीजा रहा कि पार्टी के पांच जिला पंचायत सदस्य जीतने के बाद भी अधिकृत प्रत्याशी का नामांकन जमा नहीं करा पाए। उधर, जिला पंचायत अध्यक्ष पद की लड़ाई लड़ने के लिए कम से कम दो सिपाहियों यानी समर्थक और प्रस्तावक की जरूरत थी। परिणाम यह हुआ कि समाजवादी पार्टी के आलाकमान अखिलेश यादव ने जनपद ललितपुर जिलाध्यक्ष तिलक यादव सहित 11 जिलों के जिला अध्यक्षों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया।
समाजवादी पार्टी के बैनर तले जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ने वाले सदस्यों की संख्या छह थी। सभी ने अपने अपने क्षेत्र में जीत का परचम भी लहराया था। जिसके बल पर समाजवादी पार्टी जिला पंचायत अध्यक्ष पद की दौड़ में अपनी दावेदारी पेश करने की बात कर रही थी। लेकिन दावेदारी पेश करने से पहले की सपा के चार सदस्य गायब रहे।