- कोहरे और सर्दी के सितम ने इंसान की हालत की पंचर - परिषदीय विद्यालयों में बहुत से बच्चों को अभी नहीं बांटे गए स्वेटर - जहां मिले स्वेटर वहां निकलीं कमियां
ललितपुर. प्रदेश में हुई बारिश के कारण ठंड बढ़ गई है। कोहरे और सर्दी के सितम ने इंसान की हालत पंचर कर दी है। प्रदेश सरकार ने रैन बसेरे में रहने वालों के लिए आवश्यक सुविधाओं के निर्देश दिए हैं। जरूरतमंदों के लिए कंबल वितरण के भी आदेश हैं। इनके लिए तो ठीक है लेकिन उन बच्चों का क्या जो हाड़ कापती ठंड में ठिठुरते हुए स्कूल जाने को मजबूर हैं। परिषदीय विद्यालयों में बहुत से बच्चों को अभी तक स्वेटर नहीं बांटे गए हैं। जिन स्कूलों में स्वेटर पहुंचा भी है, वहां कमियां निकल रही हैं। स्वेटर की खराब क्वॉलिटी को लेकर बच्चों के चेहरे मायूस हैं। प्रदेश सरकार ने 31 अक्टूबर तक स्वेटर वितरण का आदेश जारी किया था लेकिन इस तारीख के डेढ़ माह बीत जाने के बाद भी आधे स्कूलों में ही स्वेटर बांटने का कार्य पूरा हुआ है। वहीं, इनमें से कुछ ऐसे भी हैं जहां स्वेटर के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई है।
अलग रंग वितरण में डाल रहा असर
वितरण की जल्दबाजी और स्वेटर की कमियों ने शिक्षकों को परेशान कर रखा है। वितरण में दिक्कत के साथ छात्रों की शिकायतें सुननी पड़ रही हैं। अलग रंग भी वितरण में असर डाल रहा है। स्वेटर वितरण का हाल ये है कि डेडलाइन बीत जाने के बाद भी परिषदीय स्कूलों के 50 फीसदी बच्चों को स्वेटर नहीं बांटे गए हैं। जिन स्कूलों में स्वेटर पहुंचा भी है, वहां गुणवत्ता और वजन से बच्चे परेशान हैं।
कटे फटे स्वेटर से बच्चे परेशान
भीषण ठंड से बचाने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा मासूमों को गुणवत्तापूर्ण स्वेटर का वितरण करने के लिए टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से अर्ध सरकारी कार्यदाई संस्था को स्वेटर वितरण का काम दिया गया था। जिला प्रशासन भी मानक के अनुरूप स्वेटर का वितरण कराने के लिए वचनबद्ध हैं। जिलाधिकारी योगेश कुमार शुक्ल ने मानक के अनुसार स्वेटर वितरण करने के निर्देश भी दिए थे। मगर इसके बावजूद कार्यदाई संस्था प्राथमिक विद्यालयों में मानकों को खराब क्वॉ़लिटी के स्वेटर बांटे गए हैं। ललितपुर के ब्लॉक जखौरा के अंतर्गत ग्राम बुढ़वार प्राथमिक विद्यालय में छात्रों को कटे फटे व पतले स्वेटर बांटकर खानापूर्ती की गई। स्वेटर वितरण के बाद जब मशीन लेकर उनका वजन नापा गया, तो 150 ग्राम से 180 ग्राम तक होने वाले स्वेटर का वजन 135 ग्राम से 152 ग्राम तक पाया गया। स्वेटर की क्वॉलिटी इतनी खराब की वह एक बार में ही फटने लगा। बीजेपी सदर विधायक रामरतन कुशवाहा की पत्नी व प्रधानाध्यापिका शकुंतला देवी ने सभी स्वेटर वापस किए। जिले से मामला सामने आने के बाद जिलाधिकारी योगेश कुमार शुक्ल ने आपूर्ती रद्द करने और स्वेटर वापस करने की बात कही है।