अडानी ग्रुप ने नियामकीय फाइलिंग में दी जानकारी। 2 अगस्त को नई का रजिस्ट्रेशन हुआ। नई कंपनी ने अभी बिजनेस ऑपरेशन नहीं शुरू किया है।
नई दिल्ली। अडानी ग्रुप ने शनिवार को जानकारी दी है कि वो देशभर में अपने एयरपोर्ट बिजनेस को संभालने के लिए नई कंपनी बनाने का फैसला लिया है। नई कंपनी भी अडानी ग्रुप के तहत ही काम करेगी जो, देशभर में अपने एयरपोर्ट कारोबार का काम देखेगी।
अडानी एंटरप्राइज ने अपने नियामकीय फाइलिंग में कहा, "अडानी एयरपोर्ट लिमिटेड भारत में काम करेगी और इसे गुजरात के अहमदाबाद में रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज में 2 अगस्त को रजिस्टर कराया गया है। कंपनी ने अभी अपने बिजनेस ऑपरेशन को शुरू नहीं किया है।"
फरवरी में अडानी ग्रुप को मिली थी 6 एयरपोर्ट्स की जिम्मेदारी
बता दें कि गत फरवरी माह में ही अडानी ग्रुप को कुल छह सरकारी एयरपोट्र्स के परिचालन की मंजूरी मिल गई थी। सरकार इन एयरपोर्ट्स के नीजिकरण करना चाहती थी, जिसके तहत अडानी ग्रुप को इनकी जिम्मेदारी मिली है। मौजूदा समय में अडानी ग्रुप के पास अहमदाबाद, लखनउ, जयपुर, गुवाहाटी, तिरुअनंतपुरम, और मैंगलोगर एयरपोर्ट की जिम्मेदारी 50 सालों के लिए सौंपी गई है।
इन एयरपोर्ट्स पर 22 फीसदी बढ़े यात्री
इसके लिए कंपनी को 115-117 रुपये प्रति पैसेंजर की दर से रेवेन्यू शेयर मिलेगा। इन 6 एयरपोट्र्स पर एक साल में करीब 3 करोड़ पैसेंजर्स आवागमन करते हैं, जिसमें 2.36 करोड़ घरेलू व 64 लाख अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्री होते हैं। पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले इन एयरपोर्ट्स पर यात्रियों की संख्या में 22 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
इन प्राइवेट कंपनियों को भी एयरपोर्ट्स की कमान
अडानी ग्रुप के अतिरिक्त जीएमआर ग्रुप दिल्ली एयरपोर्ट की देखभाल करती हैं जहां वित्त वर्ष 2018 में करीब 6.57 करोड़ यात्रियों ने यात्रा किया था। जबकि, मुंबई एयरपोर्ट का जिम्मेदारी जीवीके ग्रुप के पास जहां हर साल करीब 4.85 करोड़ यात्रियों आते हैं। पिछले साल ही केंद्र सरकार ने छह एयरपोर्ट्स के नीजिकरण की बात कही गई थी। सरकार ने यह नीजिकरण पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत किया था।