डिपार्टमेंट ऑफ इंडस्ट्री, इनोवेशन एंड साइंस ने अपने रिपोर्ट मे कहा, इस सदी की शुरूआत में चीन जैसे ही, भारत में भी बड़े स्तर पर अर्बनाइजेशन हो रहा है।
नई दिल्ली। भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर ऑस्ट्रेलिया का कहना है कि, भारत अगला चीन है और आर्थिक दृष्टिकोण से देखें तो भारत भी चीन के रास्तों पर अग्रसर है। भारत के पास कॉपर से लेकर आयरन ओर तक सभी चीजों को कंज्यूम करने का क्षमता है। आने वाले दो दशकों मे भारतीय अर्थव्यवस्था में बड़ा विस्तार देखने को मिलेगा और अधिक संख्या में लोग शहरों की तरफ अग्रसर होंगे। डिपार्टमेंट ऑफ इंडस्ट्री, इनोवेशन एंड साइंस ने अपने तिमाही रिपोर्ट मे कहा कि, इस सदी की शुरूआत में चीन जैसे ही, भारत में भी बड़े स्तर पर अर्बनाइजेशन हो रहा है। लोग शहरों की तरफ तेजी से भाग रहे हैं। रिपोर्ट मे कहा गया कि, वर्ष 2016 के 43.9 करोड़ शहरी आबादी की तुलना में वर्ष 2035 तक ये बढक़र 64.2 करोड़ हो जाएगा।
भारत के तरफ मेटल निर्यातकों की नजर
भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था ऑस्टे्रलिया जैसे कई संसाधन समृद्ध देशों को अपनी तरफ आकर्षित कर रहा हैं। दुनिया का यह सबसे बड़ा आयरन ओर निर्यातक और बीएसपी बिलिटन लिमिटेड जैसी माइनिंग कंपनी का देश अब चीन की सुस्ती के बाद भारत के तरफ रूख करने का मौका तलाश रहा है। एक ऑस्टे्रलियन स्टडी के मुताबिक, भले ही भारतीय विकास चीन की तुलना में कम संसाधनो पर आधारित है लेकिन, भारत में वस्तुओं की खपत मे बढ़ोतरी के लिए अभी भी भरपूर संभावनाएं है। भारत मे मध्यम वर्गीय कमाई वाली आबादी ज्यादा है, ऐसे में मेटल की खपत मे सामान्यत: इजाफा देखने को मिलेगा। फिर भी, चीन के मुकाबले विनिर्माण और निमार्ण में अपेक्षाकृत कम निवेश होने की उम्मीद है।
लगातार बढ़ रही भारतीय आबादी
वर्ष 2035 तक संभावित परिणाम का अनुमान लगाने के लिए, डिपार्टमेंट ने दो परिदृश्य में 7 वस्तुओं को लिस्ट किया। जिसमें एक ब्रजील, अर्जेंटीना और मेक्सिको मे होने वाले धीमा ग्रोथ आधार था और दूसरा चीन मे तेजी से होने वाले ग्रोथ पर आधारित था। रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण एशियाई देश एशिया के सबसे टॉप अर्थव्यवस्था मे छाए रहेंगे। चीन की तुलना में भारत की आबादी अब 1.32 अरब है। हालांकि, चीन के उलट, भारतीय आबादी अभी भी बढ़ रही है और अनुमान है कि 2035 तक ये बढक़र 1.60 अरब हो जाएगा।