
नई दिल्ली। जहां एक ओर भारत में चीनी सामान का बहिष्कार किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर दूसरे देशों में ई-कॉमर्स साइट पर प्रोडक्ट का रिव्यू करने वाले समीक्षक चीनी सामानों को फर्जी रेटिंग ( Fake ratings of Chinese Brands ) देने में जुटे हुए हैं। ऐसा ही एक मामला amazon.co.uk पर देखने को मिला है। विदेशी मीडिया में रिपोर्ट प्रकाशित होने के बाद अमेजन ने बड़ी कार्रवाई की है। लेकिन जानकार इसे एक गंभीर मामला मानकर चल रहे हैं। दुनिया की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स साइट पर इस तरह की धांधली को बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। वो भी तब जब अमरीका और चीन के बीच खटास लगातार बढ़ती जा रही है।
अमेजन की बड़ी कार्रवाई
अमेजन को जब ब्रिटेन के कुछ शीर्ष समीक्षकों द्वारा फाइव स्टार रेटिंग्स के बदले पैसे या प्रोडक्ट लेने का शक हुआ तो ई-कॉमर्स कंपनी ने अपनी साइट से करीब 20,000 प्रोडक्ट के रिव्यूज को हटवा दिए। विदेशी मीडिया रिपोर्ट में खबर आने बाद अमेजन प्रबंधन की ओर से यह कदम उठाया गया। रिपोर्ट के अनुसार जांच में amazon.co.uk पर शीर्ष दस समीक्षकों में से 9 की गतिविधियों को संदेहजनक पाया गया। जांच में उजागर किए गए सात उपयोगकर्ताओं के सभी रिव्यूज को एमेजॉन ने हटवा दिया है।
चीनी ब्रांड्स के प्रोडक्ट को फाइव स्टार फर्जी रेटिंग
विदेशी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ये समीक्षक उत्पादों को फाइव-स्टार रेटिंग्स देकर उससे मुनाफा हासिल करते थे। इनमें से अधिकतर छोटे-मोटे चीनी ब्रांड्स के प्रोडक्ट थे। जांच में खुलासा हुआ कि अमेजनडॉटकोडॉट यूके पर टॉप रिव्यूअर जस्टिन फ्रायर औसतन हर पांच घंटे में किसी न किसी प्रोडक्ट को फाइव स्टार रिव्यू देते थे। इनमें जिम में इस्तेमाल में लाए जाने वाले मशीनों से लेकर स्मार्टफोन तक सभी शामिल रहे हैं। इसके बाद उन्होंने दूसरी साइट पर भी इन उत्पादों की बिक्री की है। इससे उन्हें जून से लेकर अब तक लगभग 1946810.75 रुपए का मुनाफा हुआ है।
समीक्षकों का ऐसा करने से इनकार
विदेशी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जब फ्रायर से संपर्क किया, तो उन्होंने रिव्यू करने के बदले मुनाफा कमाने की बात से साफ इनकार कर दिया, लेकिन एफटी ने बताया कि इसके बाद उनके अमेजन प्रोफाइल से रिव्यू करने संबंधी सारी जानकारियां गायब हो गईं। ऐसा ब्रिटेन के दो और समीक्षकों ने किया है।