सोमवार को केंद्र सरकार के तरफ से एक आधिकारिक अधिसूचना से प्राप्त जानकारी के अनुसार उषा अनंतसुब्रमण्यम को सेवानिवृत्ति के दिन ही बर्खास्त कर दिया है।
नई दिल्ली। पंजाब नेशनल बैंक में करीब 14 हजार के घोटाले की गाज अब एक बार फिर इलाहाबाद बैंक की पूर्व प्रबंध निदेशक उषा अनंतसुब्रमण्यम पर गिरा है। सोमवार को केंद्र सरकार के तरफ से एक आधिकारिक अधिसूचना से प्राप्त जानकारी के अनुसार उषा अनंतसुब्रमण्यम को सेवानिवृत्ति के दिन ही बर्खास्त कर दिया है। पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) में भगोड़े हीरा व्यापारी नीरव मोदी द्वारा कथित रूप से किए गए 14,000 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा अनंतसुब्रमण्यम के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल करने के बाद उनसे इलाहाबाद बैंक के एमडी के सारे अधिकार छीन लिए गए थे, लेकिन वे बैंक की कर्मचारी बनी हुई थीं।
पीएनबी में रह चुकी हैं मुख्य कार्यकारी अध्यक्ष
अनंतसुब्रमण्यम इलाहाबाद बैंक में जाने से पहले साल 2015 के अगस्त से 2017 के मई तक पीएनबी की मुख्य कार्यकारी थी। इससे पहले वे 2011 के जुलाई से 2013 के नवंबर तक पीएनबी में कार्यकारी निदेशक के पद पर थीं। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सोमवार को सरकार ने सीबीआई को अनंतसुब्रमण्यम और पीएनबी के मुख्य कार्यकारी निदेशक संजय सरण के खिलाफ अभियोजन चलाने की मंजूरी दी। इस घोटाले में नीरव मोदी का मामा मेहुल चोकसी सह-आरोपी है और वो भी फरार है। मुंबई की एक अदालत में मई में दाखिल आरोपपत्र में सीबीआई ने आरोप लगाया है कि अनंतसुब्रमण्यम समेत पीएनबी के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को इस घोटाले की जानकारी थी, लेकिन उन्होंने इसे रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाया।
पीएनबी घाेटाले में नाम आने के बाद बैंक ने ले छीन लिया था सभी अधिकार
इसके पहले 14 मर्इ को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा दाखिल आरोप पत्र में उषा अनंतसुब्रमण्यम का नाम आया था जिसके बाद बैंक के निदेशक मंडल ने एक बड़ा एक्शन लिया था। बैंक के निदेशक मंडल ने उषा अनंतसुब्रमण्यम से सभी अधिकार व शक्तियां वापस ले ली थी। इसके ठीक अगले दिन (15 मर्इ) पीएनबी ने मंगलवार को अपने दो कार्यकारी निदशकों की सभी शक्तियों को वापस ले लिया था। वहीं दूसरी तरफ इलाहाबाद बैंक ने अपने तरफ से जारी किए गए नियामकीय जानकारी में बताया था की, "बैंक के निदेशक मंडल ने अपनी बैठक में बैंक की प्रबंध निदेशक आैर सीर्इआे उषा अनंतसुब्रमण्यम को तत्काल प्रभाव से बैंक के सभी कामकाजी जिम्मेदारियों से अलग करने का फैसला किया है।"