
नई दिल्ली। चीन के ही नहीं बल्कि दुनिया के दिग्गज उद्योगपतियों में शामिल जैक मा ( Jack Ma ) और उनकी कंपनी अलीबाबा ( Alibaba ) को गुरुग्राम डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ( Gurugram District Court ) ने समन भेजा हैै। वास्तव में कोर्ट ने कंपनी द्वारा भारतीय कर्मचारी को गलत तरीके से नौकरी से निकाले जाने के मामले में भेजा गया है। पीडि़त कर्मचारी का आरोप है कि कंपनी ऐप पर चलाई जा रही फेक न्यूज ( Fake News ) का विरोध करने पर उसे नौकरी से निकाल दिया गया। आपको बता दें कि मौजूदा समय में भारत और चीन ( India China Tension ) के बीच रिश्ते काफी तल्ख चल रहे हैं, जिसकी वजह से भारत ने सुरक्षा की दृष्टी से चीन के 59 मोबाइल ऐप पर बैन ( India Ban 59 Chinese Apps ) भी लगा दिया है। जिसमें अलीबाबा के यूसी वेब ( UC Web ) और यूसी ब्राउजर ( UC Browser ) दोनों शामिल हैं।
फेक न्यूज चलाने का आरोप
जानकारी के अनुसार गुरुग्राम कोर्ट की फाइलिंग के मुताबिक अलीबाबा की यूसी वेब के फॉर्मर इंप्लॉई पुष्पेंद्र सिंह परमार ने आरोप लगाए हैं कि कंपनी चीन के खिलाफ सभी तरह के कंटेंट को सेंसर करने के बाद यूसी ब्राउजर और यूसी न्यूज ऐप फेक न्यूज पब्लिश करते थे, ताकि सामाजिक और राजनीतिक अस्थिरता पैदा हो। जिसका उसने विरोध किया था। जिसके लिए उसे गलत तरीके से नौकरी से निकाल दिया गया।
29 तक कोर्ट में पेश होने के आदेश
गुरुग्राम डिस्ट्रिक्ट कोर्ट की सिविल जज सोनिया शेओकांड ने अलीबाबा, जैक मा और करीब दर्जन भर लोगों के खिलाफ समन जारी कर दिए हैं। साथ ही जज की ओर से 29 जुलाई तक कोर्ट में खुद हाजिर होने या फिर वकील को भेजने के भी ऑर्डर किए हैं। वहीं न्यायाधीश की ओर से कंपनी और एग्जिक्युटिव्स से 30 दिन के अंदर लिखित में जवाब देने को भी कहा गया है।
59 मोबाइल ऐप पर लगाया है बैन
जब से लद्दाख में सीमा पर भारत और चीन के सैनिकों के बीच तनाव हुआ है और भारत के 20 जवान शहीद हु हैं, तब से दोनों देशों के बीच के रिश्तों में काफी तल्खी आ गई है। जिसकी वजह से देश की सुरक्षा को देखते हुए भारत सरकार की ओर से 59 चीनी मोबाइल ऐप पर बैन लगा दिया है। जिसके बाद चीन की सरकार के साथ वहां की कंपनियों की ओर से इसकी आलोचना भी हुई है। जिसके बाद भारत सरकार की ओर से उन कंपनियों से रिटन क्लैरिफिकेशन मांगा है कि उन कंपनियों की ओर से कंटेंट को सेंसर किया था या फिर किसी विदेशी सरकार के लिए काम किया था।