दीपक कोचर की कंपनी नूपावर रिन्यूबएबल को इनकम टैक्स अधिनियम के धारा 131 के तहत नोटिस भेजा गया है।
नर्इ दिल्ली। लगभग 3250 करोड़ रुपए के लोन मामलें में दीपक कोचर की परेशानियां थमने को नाम नहीं ले रही हैं। अब आयकर विभाग ने आर्इसीआर्इसीआर्इ बैंक की सीर्इआे आैर एमडी चंदा कोचर के पति दीपक कोचर को नोटिस भेजा है। दीपक कोचर की कंपनी नूपावर रिन्यूबएबल को इनकम टैक्स अधिनियम के धारा 131 के तहत नोटिस भेजा गया है। इसके साथ ही दीपक कोचर आैर इस फर्म के कुछ आैर लोगों को भी आयकर विभाग ने नोटिस भेजा है। नोटिस में इन्हे कंपनी के वित्त से जुड़े दस्तावेज पेश करने को कहा गया है।
चंदा कोचर भी हैं सवालों के घेरे में
आपको बता दें कि इस मामले के सामने आने के बाद से आर्इसीआर्इसीआर्इ बैंक की सीर्इआे व एमडी चंदा कोचर भी सवालों के घेरे में है। उनपर आरोप लगा है कि वो वीडियोकाॅन ग्रुप को करीब 3250 करोड़ रुपए के लोने देने में अनियमितता बरती है। इस बारे में अधिक जानकारी लेने के लिए सीबीआर्इ जल्द ही चंदा कोचर से बात कर उनका बयान दर्ज कर सकती है।
बैंक कर चुका है चंदा कोचर का बचाव
गौरतलब है कि ये मामला तब सामने आया जब वीडियोकाॅन ग्रूप आैर आर्इसीआर्इसीआर्इ बैंक के एक निवेशक ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को खत लिखकर बैंक के कर्ज देने के तौर तरीकों पर सवाल उठाया था। उन्होनें चंदा कोचर पर आरोप लगाते हुए कहा कि वो वीडियोकाॅन ग्रुप के वेणुगोपाल धूत को अनुचित तरीके से लाभ पहुंचाया है। उन्होने चंदा कोचर पर आरोप लगाते हुए कहा वीडियोकाॅन के को लगभग चार हजार करोड़ रुपए के लोन मंजूर करने के बदले में निजी लाभ लिया है। इस आरोप के बाद ही आर्इसीआर्इसीआर्इ बैंक ने चंदा कोचर का बचाव करते हुए कहा है कि, बैंक का कोर्इ भी व्यक्ति अपने पद पर इतना सक्षम नहीं है कि बैंक के क्रेडिट से जुड़े फैसलों को अपने हिसाब से प्रभावित कर सके।
चंदा कोचर ने एफएलआे के कार्यक्रम से लिया नाम वापस
अभी हाल ही में फिक्की लेडीज आॅर्गेनाइजेशन (एफएलआे) के सलाना कार्यक्रम से चंदा कोचर ने अपना नाम वापस ले लिया है। इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी सिरकत करने वाले थे। 5 अप्रैल को होने वाले इस कार्यक्रम के लिए चंदा कोचर गेस्ट आॅफ आॅनर थी आैर सभी दस्तावेजों पर उनका नाम प्रमुखता से लिया गया था। चंदा कोचर के नाम वापस लेने के बाद फिक्की को नया शेड्यूल तैयार करना पड़ा।