कॉर्पोरेट वर्ल्ड

Future Group के बाद अब Urban Ladder और MilkBasket को खरीद सकते हैं Mukesh Ambani

Reliance Industries के साथ Urban Ladder की हो सकती है 225 करोड़ की डील RIL से पहले Amazon और BigBasket चाहते थे MilkBasket को खरीदना

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Aug 17, 2020
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Mukesh Ambani can now buy Urban Ladder and MilkBasket after Future Group

नई दिल्ली। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ( Reliance Industries Chairman Mukesh Ambani ) अपने रिटेल कारोबार को उन बुलंदियों पर पहुंचाने की कोशिश में जुटे हैं, जहां तक भारत में पहुंचना किसी के बस में ना हो। इसके लिए उन्होंने अपनी कोशिशें भी शुरू कर दी है। बिकवाली के बाद अब मुकेश अंबानी ( Mukesh Ambani ) की ओर से देश में रिटेल बिजनेस की खरीदारी शुरू कर दी है। जहां एक ओर रिटेल कारोबारी किशोर बियानी ( Kishore Biyani ) के साथ फ्यूचर ग्रुप को खरीदने की बातचीत चल रही है। वहीं दूसरी ओर उन्होंने दो और कंपनियों को खरीदने का प्लान बना लिया है। वो कंपनियां हैं अर्बन लैडर ( Urban Ladder ) और मिल्क बास्केट ( MilkBasket )। वैसे अभी तक इस बारे में किसी कंपनी की ओर से कोई बयान नहीं आया है। आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर मुकेश अंबानी किस तरह की प्लानिंग पर काम कर रहे हैं।

अर्बन लैडर के साथ हो सकती है इतने रुपए की डील
पहले बात अर्बन लैडर के साथ की डील की करें तो पिछले कुछ महीनों से रिलायंस के साथ बातचीत चल रही है। जोकि अब काफी एडवांस स्टेज पर पहुंच चुकी है। वैसे दोनों के बीच डील फाइनल नहीं हुई है। जानकारों की मानें तो दोनों के बीच करीब 3 करोड़ डॉलर यानी 225 करोड़ रुपए की डील संभव हो सकती है। मुकेश अंबानी को अर्बन लैडर को खरीदने का मकसन अपने रिटेल और ईकॉमर्स कारोबार को और स्ट्रांग करना है।

मिल्क बास्केट के साथ भी डील की चर्चा
वहीं दूसरी ओर मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज मिल्क बास्केट के साथ भी डील को लेकर भी चर्चा में है। इससे पहले इस कंनी को अमेजन इंडिया और बिग बास्केट खरीदने का विचार कर कर रही थी। दोनों कंपनियों के साथ मिल्क बास्केट के साथ बातचीत भी चल रही थी, लेकिन वो शुरुआती स्टेज में ही खत्म हो गई। इसी दौरान बिग बास्केट ने डेली निन्जा का अधिग्रहण कर लिया।

नहीं दिया किसी भी कंपनी ने बयान
वैसे मिल्क बास्केट और अर्बन लैडर की ओर से किसी तरह का कोई बयान सामने नहीं आया है। आपको बता दें कि मिल्कबास्केट मार्जिन के मामले में थोड़ी रियायत बरत रहा है। इसका कारण है मिल्क बास्केट एक इजेंशियल प्रोडक्ट्स में आता है। ऐसा ही दूसरी कंपनियों द्वारा भी किया जा रहा है। ऐसे में वो दूसरे प्रोडक्ट्स की डिलीवरी अपने मार्जिन को बढ़ाने की कोशिश में लगी हुई हैं। अगर मुकेश अंबानी के पास दोनों कंपनियों के अधिकार आ जाते हैं तो उनकर रिटेल कारोबार बुलंदियों को छू जाएगा।

Updated on:
17 Aug 2020 04:33 pm
Published on:
17 Aug 2020 02:12 pm