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इस भारतीय का हुआ चीन के 1.80 लाख कमरों पर कब्जा, कभी करता था यह काम

आेयो रूम्स का बिजनेस करने वाले रितेश अग्रवाल ने अपने बिजनेस को बढ़ाने के लिए चीन के 1.80 लाख कमरों पर कब्जा कर लिया है। आेयो रूम्स की चीन में 4000 प्राॅपर्टी हैं।
2 min read
Nov 22, 2018
Ritesh
इस भारतीय का हुआ चीन के 1.80 लाख कमरों पर कब्जा, कभी करता था यह काम

नर्इ दिल्ली। भारतीयों ने अपनी पहचान दुनियाभर में बनार्इ हैं। अगर बिजनेस की बात करें तो मित्तल, अंबानी आदि कर्इ एेसे ग्रुप हैं जिनका व्यापार पूरी दुनिया में हैं। लेकिन आज हम आपको एेसे शख्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसने अपने बिजनेस के जरिए भारत से ज्यादा चीन के कमरों पर कब्जा कर लिया है। जी हां, आेयो रूम्स का बिजनेस करने वाले रितेश अग्रवाल ने अपने बिजनेस को बढ़ाने के लिए चीन के 1.80 लाख कमरों पर कब्जा कर लिया है। आेयो रूम्स की चीन में 4000 प्राॅपर्टी हैं। जबकि भारत में कंपनी सिर्फ 1.49 लाख रूम मैनेज कर रही है। खास अरबों रुपयाें की कंपनी चलाने वाले रितेश इससे पहले दुकान पर मोबाइल सिम बेचा करते थे।

गेट्स-जॉब्स-मार्क से हैं प्रभावित
ओडिशा राज्य के रितेश अग्रवाल बिल गेट्स, स्टीव जॉब्स और मार्क जुकरबर्ग से काफी प्रभावित रहे हैं। साथ वेदांता के अनिल अग्रवाल को अपना आदर्श मानते हैं। स्कूलिंग पूरी करने के बाद आर्इआर्इटी में एडमीशन के लिए एग्जाम दिया, लेकिन क्लीयर नहीं कर सके। उसके बाद उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन एडमीशन लिया। लेकिन दो दिन कैंपस जाने के बाद उन्होंने पढ़ार्इ छोड़ दी। पहले तो परिवार इस फैसले से खुश नहीं था। बाद में जब रितेश को आइडिया को समझा तो परिवार ने भी रितेश का पूरा सपोर्ट किया। शुरूआत में तो उन्होंने मोबाइल सिम कार्ड भी बेचे थे।

एेसे आया आेयो रूम्स का आइडिया
वर्ष 2009 में रितेश देहरादून और मसूरी घूमने गए। यहां उन्होंने लगा कि कई ऐसी जगह हैं, जिनके बारे में कम लोगों को पता है। जिसके बाद उन्होंने एक ऑनलाइन सोशल कम्युनिटी बनाने के बारे में सोचा, जहां एक ही प्लेटफॉर्म पर प्रॉपर्टी के मालिकों और सर्विस प्रोवाइडर्स की सहायता से पर्यटकों को बेड एंड ब्रेकफास्ट के साथ रहने की किफायती सुविधा मुहैया करवाई जा सके।

फिर शुरू हुर्इ कंपनी
2011 में रितेश ने ओरावेल कंपनी की शुरू की। रितेश के आइडिया से प्रभावित होकर गुड़गांव के मनीष सिन्हा ने भी निवेश किया आैर को-फाउंडर बन गए। 2012 में ओरावेल को आर्थिक मजबूती मिली, जब देश के पहले एंजल आधारित स्टार्ट-अप एक्सलेरेटर वेंचर नर्सरी एंजल से बुनियादी पूंजी प्राप्त हुई। सितंबर में कंपनी की वैल्यू 550 करोड़ डॉलर हो गई थी। आज कंपनी 230 शहरों में 10 लाख होटल रूम्स का प्रबंधन कर रही है।

Published on:
22 Nov 2018 01:19 pm