कंपनी ने चार सालों के लिए 4,759 करोड़ रुपए के Tax Refund मांग की थी Delhi High Court के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में डाली थी याचिका
नई दिल्ली। भले ही वित्तीय संकट ( Financial Crisis ) से घिरी टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन आईडिया ( vodafone idea ) को सुप्रीम कोर्ट ( Supreme Court ) ने हल्की राहत दी हो, लेकिन यह कंपनी के लिहाज से एक बड़ा झटका ही माना जा सकता है। वास्तव में सर्वोच्च न्यायालय ने बुधवार को कंपनी को 733 करोड़ रुपए के टैक्स रिफंड ( Vodafone tax refund ) की अनुमति दे दी। शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार ( Central Govt ) को चार हफ्तों के अंदर राशि को वापस करने के आदेश दिए। जबकि कंपनी की ओर से अपनी याचिका में 2014-15, 2015-16, 2016-17 और 2017-18 के लिये 4,759 करोड़ रुपए के रिफंड की मांग की थी। जिसे सुप्रीम कोर्ट की न्यायमूर्ति यूयू ललित की अध्यक्षता वाली दो सदस्यीय पीठ ने खारिज कर सिर्फ 733 करोड़ रुपए वापस करने का आदेश दिया। इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट ( Delhi High Court ) ने टेलीकाॅम कंपनी की याचिका को खारिज कर दिया था।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश
कोर्ट के आदेश के अनुसार 733 करोड़ रुपए की राशि अपीलकर्ता को आज से चार सप्ताह के भीतर वापस कर दी जाए, जो किसी ऐसी कार्यवाही के अंतर्गत होगी, जिसे राजस्व विभाग कानून के अनुसार उचित समझे। कोर्ट प्रतिवादी को यह भी निर्देश देते हैं कि वे जितनी जल्दी हो सके 2016-17 और 2017-18 के संबंध में अधिनियम की धारा 143 की उप-धारा (2) के तहत शुरू की गई कार्यवाही को समाप्त करे।
दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ डाली थी याचिका
सुप्रीम कोर्ट के अनुसार इन आदेशों के अलावा अपीलकर्ता की दलीलें कोई बड़ी बात सामने नहीं ला पाए हैं। ऐसे में उनकी इस अपील को खारिज कर दी जाती है। आपकाो बता दें कि वोडाफोन आईडिया ने दिल्ली हाई कोर्ट के 14 दिसंबर, 2018 के फैसले के विरुद्घ सुप्रीम कोर्ट में याचिका डाली थी। हाईकोर्ट ने कंपनी की उस याचिका को खारिज कर दिया था कि जिसमें आरोप लगाया गया था कि इमकम टैक्स रिफंड के मामले में डिपार्टमेंट सुस्ती दिखा रहा है। वैसे सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश किसी और कंपनी पर लागू नहीं होगा।